पिथौरागढ़:आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष हेल्थ एन्ड वेलनेस सेंटर की स्थापना का कार्य गतिमान
आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वैलनेस केंद्रों की स्थापना आयुष मंत्रालय भारत सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है जिसकी प्रगति की समीक्षा प्रति सप्ताह प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा भी की जा रही है। पूरे देश भर में 12500 आयुष हेल्थ एंड वैलनेस केंद्रों की स्थापना की जानी है, जिसके अंतर्गत उत्तराखंड में आगामी 5 वर्षों में 200 आयुष चिकित्सालय अथवा डिस्पेंसरी को हेल्थ एंड वैलनेस केंद्रों के रूप में स्थापित किया जाएगा। हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर बनाने के लिए पहले चरण में प्रदेश के 60 आयुर्वेद चिकित्सालयों का चयन भी कर लिया गया है। जिसमे 7 केंद्र जनजातीय क्षेत्र में रखे जाने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ राजेश जोशी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में भारत सरकार द्वारा राज्य हेतु 50% की धनराशि जारी कर दी गई है व उक्त हेल्थ वैलनेस केंद्रों की स्थापना हेतु भारत सरकार द्वारा निर्देशित सभी कार्य में मार्च 2021 तक पूर्ण करने हैं जहां आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी के अलावा एलोपैथी चिकित्सा उपलब्ध होगी। प्रथम चरण में पिथौरागढ़ जनपद के बलुआकोट और मवानी दवानी स्थित चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर आयुष हेल्थ एंड वैलनेस केंद्र बनाया जा रहा है जहाँ पर कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। दोनों केंद्रों को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है साथ ही साधारण परीक्षणों के लिए लैब भी स्थापित किया जा रहा है। दूसरे चरण में पिथौरागढ़ से क्वीतड़, महरखोला, बरम और नाचनी स्थित चिकित्सालयों को उच्चीकृत करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
नोडल अधिकारी डॉ अवनीश उपाध्याय के मुताबिक आयुष हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में महिला एवं पुरूष योग प्रशिक्षक होंगे। जिनकी नियुक्ति का कार्य भी जिले में इसी हप्ते पूर्ण कर लिया जाएगा। लोगों को योग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मरीजों के लिए वार्ड भी बनाए जाएंगे। सेंटर में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भी बनाया जाएगा और औषधि उद्यान भी विकसित किए जाएंगे। औषधि उद्यान में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। लोगों को औषधीय पौधों का महत्व बताकर इलाज भी किया जाएगा। टेलीमेडिसिन की सुविधा भी दी जाएगी। हेल्थ वैलनेस सेंटर में वृद्धावस्था जन्य रोग, ब्लड पे्रशर, हाइपर टेंशन, शुगर की इलाज की सुविधा भी दी जाएगी। वहीं शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। मरीजों का रिकार्ड भी रखा जाएगा। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर डायबिटीज के लिए बीजीआर-34 और सफेद दाग के लिए ल्यूकोस्किन जैसी दवाएं भी उपलब्ध होंगी, जिनकी खोज डीआरडीओ और सीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने की है। इस पर दुनिया भर में वैज्ञानिकों ने खूब सराहना भी बटोरी है।
के जीर्ण-शीर्ण होने से अब लोग खुले टैंक में ही बर्तन डुबोकर पानी भरने को मजबूर है टैंक के ढक्कन ना होने अक्सर जानवरों द्वारा गंदा पानी किया जाता है ग्राम प्रधान नीरज बेलवाल का कहना है कि कई बार जल संस्थान को इसकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव दिया गया मगर अभी तक विभाग द्वारा इसकी मरम्मत नहीं की गई जिससे 80 परिवारों को पेयजल की आपूर्ति की जाती थी मगर टैक तथा पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से लोगों को पानी की भारी किल्लत हो रही है तथा कुलदीप नेगी देवेंद्र बेलवाल बुद्धि प्रसाद सुरेश कुमार आदि का कहना है कि जगह जगह पाईप टुटने से पिछले 3 सालों से धनौल्टी आलू फार्म लामी धार में पानी की किल्लत हो रही है
