उत्तरकाशी में रजत जयंती उत्सव – “जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि” — DM का संदेश गूंजा रामलीला मैदान में

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🌄 ‘बेटियों की उड़ान’ से चमका राज्य स्थापना दिवस!


🎉 उत्तरकाशी में रंगारंग समापन, उत्सव की झलक में झलकी उत्तराखंडी अस्मिता

उत्तरकाशी के रामलीला मैदान में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती सप्ताह का समापन धूमधाम से हुआ।
3 नवंबर से 9 नवंबर तक चले इस सप्ताह ने पूरे जनपद को सांस्कृतिक रंग, लोकधुन और जनसेवा के उत्सव में डुबो दिया।

मुख्य समारोह में जहां राज्य आंदोलनकारियों की गौरव रैली ने शहीदों के सपनों को नमन किया, वहीं मंच पर बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण का संदेश नई रोशनी बनकर फैला।


👧 “बालिका गंगा-यमुना छात्रवृत्ति” — बेटियों के सपनों को पंख

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी की अभिनव पहल के रूप में ‘बालिका गंगा-यमुना छात्रवृत्ति योजना’ की शुरुआत की गई।
इस योजना के तहत बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों को ₹21,000 के चेक और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा —

“यह सिर्फ एक छात्रवृत्ति नहीं, बल्कि हर बेटी को यह संदेश है कि वह अपनी उड़ान खुद तय कर सकती है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अब एक आंदोलन से आगे बढ़कर प्रेरणा बन चुका है।”

इस अवसर पर उन्होंने मेधावी छात्राओं को किताबें भेंट कीं और ‘योजना दीदी’ पुस्तक तथा रीप टीम द्वारा निर्मित मोमेंटो का विमोचन किया।


🏅 उत्कृष्ट कार्यों को सलाम — समाजसेवियों से लेकर आपदा योद्धाओं तक

समारोह में मंच बना समर्पण और सेवा की मिसालों का मंच
विजयलक्ष्मी जोशी (दिव्यांग विद्यालय), सुरेन्द्र रावत, और गंगोत्री फिजिकल एकेडमी के संस्थापक चन्द्रमोहन पंवार को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही आकांक्षी ब्लॉक मोरी में श्रेष्ठ कार्य करने वाले विभागीय अधिकारियों, एनजीओ संचालकों और एसडीआरएफ टीम को भी सम्मानित किया गया।
मेधावी छात्र-छात्राओं, क्रॉस-कंट्री के विजेताओं और ‘लखपति दीदी समूहों’ को सामूहिक उद्यमिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।


🏔️ जिलाधिकारी का प्रेरक संदेश — “जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि”

कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी ने कहा —

“राज्य का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब हम सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास से काम करें। जैसी दृष्टि रखेंगे, वैसी ही सृष्टि बनेगी।”

उन्होंने सभी अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और जनता का आभार जताया जिन्होंने रजत जयंती सप्ताह को जन-उत्सव का रूप दिया।


🕊️ शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन

ब्लॉक प्रमुखों ने अपने संबोधन में कहा —

“हमारे राज्य आंदोलनकारियों की कुर्बानी से आज यह पर्व संभव हुआ है। अब जिम्मेदारी हमारी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”


🎥 विकास, संस्कृति और जनभागीदारी का संगम

सीडीओ जयभरत सिंह ने आकांक्षी ब्लॉक मोरी की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह ब्लॉक अब राज्य में दूसरे स्थान पर है।
लघु फिल्म के माध्यम से जिले के विकास कार्यों और योजनाओं की झलकियाँ भी प्रदर्शित की गईं, जिन्हें दर्शकों ने उत्साहपूर्वक सराहा।


🏕️ रजत जयंती सप्ताह बना “जन-सेवा महोत्सव”

सप्ताहभर चले कार्यक्रमों में लगभग 14,000 लोगों ने विभागीय स्टॉलों से योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और लाभ उठाया।
स्वास्थ्य विभाग से लेकर महिला एवं बाल विकास, कृषि, उद्योग, जलागम, शिक्षा, और डेयरी विभाग तक —
हर संस्था ने अपने बूथों से जन-जागरूकता और सेवा का संदेश फैलाया।

स्वास्थ्य विभाग ने 1142 लोगों को निःशुल्क परामर्श, जबकि आयुर्वेद विभाग ने 1205 लोगों को औषधीय सहायता दी।
महिला एवं बाल विकास, उद्योग, कृषि और समाज कल्याण विभागों द्वारा हजारों लाभार्थियों को योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया गया।


💫 समापन की गूंज — “यह सिर्फ उत्सव नहीं, एक संकल्प था”

रंग-बिरंगे मंच, पारंपरिक वेशभूषा और ढोल-दमाऊं की थाप के बीच जब कार्यक्रम समाप्त हुआ,
तो रामलीला मैदान गूंज उठा —

“उत्तराखंड आगे बढ़ेगा, जब हर जन उत्तराखंड बनेगा।”


🌺 अंत में — उत्तरकाशी से नई सुबह की शुरुआत

रजत जयंती सप्ताह ने यह साबित किया कि उत्तराखंड की असली ताकत जनभागीदारी, नारीशक्ति और सकारात्मक सोच में है।

“यह रजत जयंती नहीं, एक स्वर्णिम भविष्य की प्रस्तावना है — उत्तराखंड की आत्मा अब और भी उजली है।” 🌄

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