धीमी न्यायिक प्रक्रिया के कारण प्राथमिक शिक्षक भर्ती ना होने पर डायट डीएलएड प्रशिक्षितों में रोष व्याप्त जल्द दी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी
उत्तराखंड डायट डीएलएड बैच 2017-19 के प्रशिक्षितों द्वारा प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा में सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू न होने पर रोष व्यक्त किया है। गौरतलब है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती मामला विगत कुछ वर्षों से माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
संघ के विधि प्रभारी धर्मेंद्र सिंह रावत का कहना है कि
डायट डीएलएड बैच द्वारा 24 फरवरी 2020 से 19 मार्च 2020 तक शिक्षा निदेशालय देहरादून के प्रांगण में धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें प्रमुख मांगों में से एक माननीय उच्च न्यायालय में दायर सभी केसों को (लगभग 40 केसों को) संयुक्त रूप से सुनवाई करने का निवेदन किया था। जिसे विभाग द्वारा 12 जून को सभी केसों को संयुक्त कर माननीय उच्च न्यायालय में सुनवाई हेतु प्रस्तुत किया गया किन्तु तब से प्रत्येक दो-तीन दिन के अंतराल के बाद केस सुनवाई की सूची में आता है किंतु विभाग और सरकार की उदासीनता के कारण अभी तक केसों की सुनवाई टस से मस नहीं हुई है। अगर विभाग या सरकार अपनी इच्छाशक्ति दिखाये तो केसों की सुनवाई जल्द पूरी होकर प्राथमिक शिक्षक भर्ती शुरू हो सकती है। इतने गंभीर मामले पर भी सुस्त न्यायिक प्रक्रिया से सभी डीएलएड प्रशिक्षितों का भविष्य अधर में लटका है।

प्रदेश अध्यक्ष पवन मुस्यूनी ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न आर्थिक तंगी के कारण प्रदेश के अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों के लिए निशुल्क फीस,ड्रेस, पुस्तकें,मध्यान्ह भोजन योजना भोजन जैसी सुविधाएं तलाश रहे हैं जो सिर्फ सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में उपलब्ध होती है किंतु वहां भी विगत 3 वर्षों से रिक्त पड़े प्राथमिक शिक्षकों की कमी से वह अपने बच्चों को भेजने में असमंजसता की स्थिति में है।
इस समय सरकार को स्वास्थ्य के साथ शिक्षा को भी पहली प्राथमिकता में रखते हुए इस चुनौती को अवसर के रूप में प्रयोग करना चाहिए तथा समस्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति देनी चाहिए।
जिससे सरकार को वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार के साथ प्रशिक्षितों को रोजगार देने की प्रतिबद्धता भी रहे।
संघ की प्रवक्ता दीक्षा रावत ने बताया कि अगले सप्ताह से प्रत्येक जनपद में डायट डीएलएड प्रशिक्षितों द्वारा मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा निदेशक,शिक्षा सचिव,शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे तथा सोशल मीडिया पर चल रहे नियुक्ति अभियान युद्धस्तर पर जारी रहेगा तत्पश्चात किसी भी प्रकार की सकारात्मक कार्यवाही ना होने पर सोशल डिस्टेंसिंग के तहत जनपद मुख्यालय अथवा जरूरत पड़ने पर देहरादून निदेशालय प्रांगण में पुनः धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।
