बर्फवारी तो पहाड़ का गहना है बर्फवारी के बाद पहाड़ो कि खूबसूरती बढ़ जाती है और दूर दूर से लोग इसकी खूबसूरती का आनंद लेने के लिए पहुचने लगते है बर्फवारी में नाचते है झूमते है बर्फ के गोले बनाकर एक दुसरे पर उछालते है | पर्यटन कारोबारियों के चेहरे पर बर्फवारी के बाद रौनक बढ़ जाती है | किसानो को भी फसल में लाभ होता है लेकिन लोगो कि दिनचर्या प्रभावित हो जाती है सड़के बंद हो जाती है और आवागमन थम जाता है | इस दौरान सडक से बर्फ हटाने में भी काम के साथ ठण्ड का पाना ही अलग आनंद है जिसे शब्दों में बयां करना मुस्किल है | सड़क पर बिछी हुई बर्फ कि सफ़ेद चादर को रोबोट मशीन अथवा जेसीबी से हटाने के दौरान का दृश्य मन को लुभाने वाला है | बर्फ को हटाने के दौरान कभी फिर से बर्फवारी सुरु हो जाती है ऐसे में यहाँ क्लीक किये गए फोटो हमेसा के लिए यादगार बन जाते है |
उत्तरकाशी जिले में गुरूवार को उच्च हिमालय इलाको में तो रात के समय जिला मुख्यालय के आसपास और सामने कि पहाड़िया भी बर्फ कि चांदनी से धक् गयी थी | गंगोत्री यमनोत्री धाम सहित लम्बगाव kedarnath बाय पास और सुवाखोली देहरादून मोटर मार्ग भी बर्फवारी के कारन अव्रुद्द रहा हालाँकि अगले दिन गुनगुनी धुप का भी लोगो ने anand लिया और बरफ का भी anand लिया
गंगोत्री राजमार्ग गंगनानी से आगे बर्फवारी के कारन अवरुद्ध हो गया था बीआरओ द्वारा १ व्हील लोडर २ जेसीबी और १२० मजदूरो को बरफ हटाने के काम मेर लगाया गया |
यमनोत्री राजमार्ग राडी टॉप के पास बर्फवारी के चलते बंद हो गया था जिसके बाद NH बडकोट और PWD बडकोट द्वारा ३ जेसीबी और मजदूरो को बरफ हटाने के काम में लगाया गया |
सुवाखोली मसूरी देहरादून मोटर मार्ग पर मोरियाना और सुवा खोली के पास भी बरफ को हटाने के लिए ३ जेसीबी तैनात कि गयी थी
उत्तरकाशी लम्बगाव मोटर मार्ग भी चौरंगिखाल से लगभग ३ किमी तक बर्फवारी के कारण मार्ग बंद हो गया था जिसे जिसे PWD द्वारा १ रोबोट ३ लोडर मशीन और ४ मजदूरो द्वारा कार्य कराया गया |
