सभासदों का धरना
किच्छा
कोरोना महामारी में लोकतंत्र कि जड़े इतनी कमजोर हो गयी कि चुने हुए प्रतिनिधियों की बात तक सुनने से अधिकारी इनकार करने लगे ? मामला उधमसिंह नगर जिले का है जहा किच्छा नगर पालिका के वार्ड सभासद अपने वार्डो की समस्याओं का ज्ञापन लेकर नगर पालिका पहुंचे थे, पालिका के अधिशासी अधिकारी काम में इतने व्यस्त थे कि उन्होंने सभासदों का ज्ञापन तक लेने से इनकार कर दिया | गुस्साए सभासद धरने पर बैठ गए तो SDM को मौके पर आना पड़ा | उपजिलाधिकारी ने स्वीकार किया कि कोरोना काल में अपनी जैनविन मांगो को लेकर सभासद EO से मिलना चाह रहे थे | उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझाव को सुनना अधिकारी कि जिम्मेदारी है |
उप जिलाधिकारी नरेश दुर्गापाल ने आकर वार्ड सभासदों से वार्ता कर जल्द ही समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया जिस पर वार्ड सभासदों ने एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा जिसमें उन्होंने कहा कि अधिशासी अधिकारी द्वारा सभासदों के साथ उचित रवैया नहीं करते हैं लगातार अपनी हठधर्मिता के चलते हिटलर शाही दिखाते हैं और बात बात पर उत्तेजना जाहिर करते हैं और गलत बातों का प्रयोग करते हैं। और कहां कि कोविड-19 भीषण महामारी के चलते एक भी बैठक नगर पालिका में नहीं रखी गई है सभासदों ने आरोप लगाया कि लगातार 4 सालों से किच्छा नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी पर पद पर बने हुए हैं लिहाजा इनका तत्काल तबादला की कार्रवाई करनी चाहिए।
नरेश दुर्गापाल –उप जिलाधिकारी
