लोक सेवा आयोग परीक्षा के बीच टिहरी में बारिश बनी चुनौती, लेकिन प्रशासन ने की ऐसी तैयारी कि छात्र बोले- “ऐसे ही मदद चाहिए!”
ओपनिंग
29 जून की सुबह… बादलों की गड़गड़ाहट, मूसलाधार बारिश और PSC परीक्षा देने निकले हज़ारों युवा। लेकिन इस बार हालात कुछ अलग थे। टिहरी का जिला प्रशासन मानो क़सम खाकर मैदान में उतर आया था कि “बारिश को परीक्षा की राह में रोड़ा नहीं बनने देंगे!”
टिहरी गढ़वाल में रविवार को उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 दो चरणों में आयोजित हुई। लेकिन चुनौती बड़ी थी — बेमौसम बारिश और दुर्गम पहाड़ी रास्ते।
छात्रों ने बताया कि इस बार जिला प्रशासन ने उनके लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की। “हम दूर-दराज़ से आए थे। बारिश में कहां रुकते? लेकिन प्रशासन ने होटल दिलवाए। अनाउंसमेंट भी की गई। ये बहुत बड़ी राहत थी।” — बोले ऋषिकेश से आए अभ्यर्थी विकास भंडारी।
कई छात्र भावुक दिखे। किसी की आँखों में राहत थी, किसी की आवाज़ में सुकून। “बारिश की वजह से हर बार एग्जाम में दिक्कत होती थी। पानी तक पीने बाहर जाना पड़ता था। पर इस बार क्लासरूम में पानी की बोतलें रखीं थीं। हमारा क़ीमती टाइम बचा।” — कहती हैं पौड़ी से आईं अभ्यर्थी सपना नेगी।
दूरवर्ती इलाकों के छात्रों के लिए आने-जाने की व्यवस्था भी प्रशासन ने खुद संभाली। सड़कें फिसलन भरी थीं, लेकिन बसों और निजी वाहनों के इंतज़ाम ने राहत दी।
छात्रों ने एक सुर में कहा — “ऐसा प्रबंध पहले कभी नहीं देखा। प्रशासन को धन्यवाद देना चाहिए। हमारी पढ़ाई और मेहनत की कद्र की गई।”
क्लोजिंग
बारिश की धार तेज़ थी… लेकिन इस बार टिहरी प्रशासन की तैयारी और इरादे उससे भी ज़्यादा मज़बूत निकले। सवाल सिर्फ़ एक है — क्या हर ज़िले में ऐसी ही संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी का नमूना दोहराया जाएगा?
