देहरादून। गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सोमवार से उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। इसमें सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका सदन के सामने रखा गया है। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों के साथ-साथ आगामी योजनाओं और नीतिगत प्राथमिकताओं का उल्लेख किया है।
इसके अपने भाषण में राज्यपाल ने कहा कि एक साल में 25 टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की गई। सहकारिता विभाग स्वयं सहायता समूहों को ब्याजरहित उपलब्ध करा रहा है। राज्य में कार्यशील पैक्स को उर्वरक खुदरा विक्रेता के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके तहत 400 प्रधानमंत्री किसान केंद्र खोले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से मानव-वन्यजीव मृत्यु पर राहत राशि छह लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की गईई। वनाग्नि नियंत्रण व आपदा प्रबंधन के लिए वर्ष 2025 में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सिस्टम शुरू किया गया। उत्तरकाशी वन प्रभाग में एशिया का पहला स्नो लेपर्ड कंजर्वेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है। पीएम आवास योजना ग्रामीण के पहले चरण में 68,531 परिवारों को शत-प्रतिशत आवास स्वीकृत किए गए। 1321 भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टे आवंटित किए गए। 22,500 किमी से अधिक लक्ष्य के सापेक्ष 21,300 किमी से अधिक सड़क पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई। 1860 बसावटें मुख्य मार्ग से जोड़ी गई हैं। वाइब्रेंट विलेज के तहत चारधाम मार्गों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं।
कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। समाज कल्याण विभाग विभिन्न वर्गों के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिए राजकीय वृ( आश्रम, भिक्षुक गृह संचालित कर रहा है। जनवरी 25 से 2026 तक 9,62,000 से अधिक पेंशनरों को एक हजार करोड़ से अधिक की धनराशि दी गई है।
