🔴 हरिद्वार में रिश्वत का खेल बेनकाब!
हरिद्वार।
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जंग में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। इस बार हरिद्वार जिला पूर्ति कार्यालय ही घूसखोरी का अड्डा निकला। शुक्रवार को विजिलेंस की टीम ने जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके सहायक गौरव शर्मा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही हथेलियों में नोट आए, वैसे ही कानून ने पकड़ कस ली।
📌 राशन डीलर से मांगी थी घूस
जानकारी के मुताबिक, एक राशन डीलर से काम के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। पीड़ित ने हिम्मत दिखाई और सीधे विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद देहरादून से आई टीम ने पूरी रणनीति के साथ जाल बिछाया।
🕵️♂️ तहसील कार्यालय में बिछा जाल
शुक्रवार, 16 जनवरी—ज्वालापुर स्थित तहसील परिसर।
जिला पूर्ति कार्यालय में जैसे ही पीड़ित ने 50 हजार रुपये सौंपे, विजिलेंस टीम हरकत में आ गई। कुछ ही पलों में अधिकारी और उसका सहायक घूस के पैसों के साथ दबोच लिए गए। मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
⚠️ कार्रवाई से मचा हड़कंप
विजिलेंस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। खबर लिखे जाने तक दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी थी और उन्हें देहरादून ले जाने की तैयारी की जा रही थी।
🔥 भ्रष्टाचार पर लगातार प्रहार
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बहादराबाद के खंड शिक्षा अधिकारी बृजपाल राठौर और उनके सहायक को 20 हजार की रिश्वत लेते विजिलेंस ने पकड़ा था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है—और हरिद्वार इसका बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है।
📞 अगर आपसे भी मांगी जाए रिश्वत…
डरिए मत, आवाज उठाइए।
👉 टोल फ्री नंबर: 1064
👉 व्हाट्सऐप: 9456592300
एक कॉल, एक मैसेज—और रिश्वतखोर सलाखों के पीछे।
✍️ अंतिम शब्द
आज विजिलेंस ने फिर साबित कर दिया—
सरकारी कुर्सी ताकत नहीं, जिम्मेदारी है।
जो इसे सौदे का जरिया समझेगा, कानून उसे जरूर जवाब देगा।
