विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

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देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के चारधामों में प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट बुद्धवार को अन्नकूट के पावन पर्व पर अपराह्न 12.01 बजे वैदिक मंत्रोच्चार पूजा-अर्चना के साथ विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद हो गये। इस अवसर पर हजारो श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।
मां गंगा की उत्सव डोली समारोहपूर्वक जयकारों के साथ मुखबा गांव के लिए रवाना हुई। मां गंगा का रात्रि विश्राम आज मां चंडी देवी (मार्कण्डेय पुरी) मन्दिर में होगा। कल मां गंगा की उत्सव डोली भैया दूज के पर्व पर अपने मायके मुखबा (मुखीमठ) पहुंचेगी। शीतकाल में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा स्थित गंगा मंदिर में पूजा-अर्चना होगी। इस यात्रा वर्ष 6 लाख 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माँ गंगा के दर्शन किये। इस अवसर पर गंगोत्री विधायक सुरेश चैहान, गंगोत्री मंदिर समिति के रावल हरीश सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, सहित बड़ी संख्या में तीर्थपुरोहित, जन प्रतिनिधिगण एवं श्रद्धालुजन मौजूद रहे। जिलाधिकारी उत्तरकाशी अभिषेक रूहेला तथा पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने गंगोत्री धाम की यात्रा के समापन अवसर सभी श्रद्धालुओं का आभार जताया है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि 27 अक्टूबर को भैयादूज के अवसर पर श्री केदारनाथ धाम एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होंगे तथा 19 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो रहे हैं।

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