🛑 BREAKING | ऋषिकेश | ड्रग्स के खिलाफ सबसे बड़ा एक्शन
**“देवभूमि में नशे की कोई जगह नहीं!”
50 साल का नशा साम्राज्य ढहा, कुख्यात तस्कर PIT NDPS में निरुद्ध**
मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” मिशन पर बड़ा वार, 49 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर जेल में बंद

ऋषिकेश की गलियों में सालों से फैल रहा ज़हर…
आज सलाखों के पीछे पहुँचा।
उत्तराखंड को नशा मुक्त देवभूमि बनाने के संकल्प पर पुलिस ने अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की है।
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और नशा तस्कर गुरुचरण उर्फ मुन्ना को
👉 PIT NDPS एक्ट के तहत निरुद्ध कर जिला कारागार सुध्दोवाला भेज दिया।
यह कोई सामान्य गिरफ्तारी नहीं—
यह पूरे नेटवर्क को तोड़ने का संदेश है।
CM के मिशन से SSP की सख्ती तक
मुख्यमंत्री उत्तराखंड के मिशन
👉 “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025”
को ज़मीन पर उतारने के लिए
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए थे—
“नशा तस्करों को चिन्हित करो,
और PIT NDPS जैसे कठोर कानून में अंदर भेजो।”
इसी कड़ी में ऋषिकेश पुलिस ने महीनों की गोपनीय जांच की।
गुर्गों के जरिए चलता था नशे का कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया कि
👉 गुरुचरण खुद सीधे नहीं,
👉 अपने गुर्गों के जरिए नशे का नेटवर्क चला रहा था
👉 लगातार जेल जाने के बावजूद फिर सक्रिय हो जाता था
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा—
“यह व्यक्ति सिर्फ तस्कर नहीं, नशे की फैक्ट्री था।”
49 मुकदमे… फिर भी नहीं सुधरा
यह आंकड़े नहीं, सिस्टम की चुनौती थे—
- NDPS एक्ट
- आबकारी अधिनियम
- गैंगस्टर एक्ट
- गुंडा एक्ट
- आर्म्स एक्ट
- IPC और BNS की गंभीर धाराएँ
👉 करीब 4 दर्जन से ज्यादा मुकदमे
👉 1994 से लेकर 2024 तक अपराधों की लंबी फेहरिस्त
इसके बावजूद
👉 न डर
👉 न सुधार
अब क्यों PIT NDPS?
क्योंकि यह कानून—
✔ बार-बार अपराध करने वालों पर लगता है
✔ जमानत का रास्ता लगभग बंद करता है
✔ समाज को सुरक्षित रखने के लिए होता है
गृह सचिव उत्तराखंड ने रिपोर्ट के आधार पर
👉 निरुद्ध करने के आदेश दिए
और आज
👉 गुरुचरण को जेल भेज दिया गया।
ऋषिकेश के लोगों में राहत
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया साफ थी—
“जो ज़हर बच्चों तक पहुँच रहा था, आज उस पर ताला लगा है।”
अंत में एक सवाल… और एक चेतावनी
क्या नशे के सौदागर अब भी बच पाएँगे?
या देवभूमि में अब सच में सफाई होगी?
आज की यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं—
📌 यह साफ संदेश है:
“नशा बेचोगे, तो आज़ादी खो दोगे।”
👉 देवभूमि अब चुप नहीं बैठेगी।
