जलता रहा कर्मचारी, चुप रही कंपनी!” -फरियाद लेकर पहुंचा डीएम दरबार!

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🔥 आग में झुलसे राहुल को जब न इलाज मिला, न वेतन… तो फरियाद लेकर पहुंचा डीएम दरबार!
✍️ डीएम की सख्ती से हिली बड़ी फार्मा कंपनी, लिखित अंडरटेकिंग में मानी हर बात


📍 देहरादून से दिल दहला देने वाली खबर

राहुल कुमार—एक आम कर्मचारी, जो कंपनी के लिए जान पर खेल गया।
लेकिन जब वही कंपनी मुसीबत में उसे छोड़ गई तड़पने को,
तो राहुल ने न्याय की उम्मीद में खटखटाया डीएम सविन बंसल का दरवाजा।


🔥 काम के दौरान लगी आग, कंपनी ने झुलसे कर्मचारी को निकाला बाहर!

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी राहुल कुमार,
सेलाकुई स्थित हब फार्मास्युटिकल्स एंड रिसर्च कंपनी में
मेंटेनेंस ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे।
नवंबर 2024 में कंपनी परिसर में लगी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।

लेकिन दर्दनाक मोड़ तब आया जब—

❌ कंपनी ने न तो इलाज करवाया,
❌ न वेतन दिया,
❌ और उल्टा बाहर का रास्ता दिखा दिया।


📢 डीएम के तेवर बदले कंपनी के सुर

2 अगस्त 2025 को राहुल, अधजले शरीर और टूटी उम्मीदों के साथ पहुंचे कलेक्ट्रेट

डीएम सविन बंसल ने न सिर्फ राहुल की पूरी बात सुनी,
बल्कि तुरंत सहायक श्रम आयुक्त को दिए एक्शन के निर्देश।

कंपनी बुलाई गई, डीएम का फरमान सुनाया गया।
नतीजा? पूरा घटनाक्रम पलट गया।


✍️ कंपनी ने मानी हर शर्त, दी लिखित गारंटी:

✅ इलाज का पूरा खर्च कंपनी उठाएगी
✅ प्रतिमाह वेतन PF के साथ ट्रांसफर होगा
✅ ठीक होने के बाद कंपनी में फिर से नौकरी दी जाएगी


🧭 “मा० मुख्यमंत्री से प्रेरणा— मानव मूल्य सर्वोपरि”

डीएम सविन बंसल ने कहा:

“जिला प्रशासन जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए
किसी भी हद तक जाएगा।
इंसान की जान और इज्जत से बढ़कर कुछ नहीं।”


🛡 ये सिर्फ एक केस नहीं… एक चेतावनी है!

पिछले 8 महीनों में जिला प्रशासन ने कई ऐसे मामलों में
पीड़ितों को उनका हक दिलवाया है—
चाहे वो श्रमिक हों, महिला कर्मचारी, या आम नागरिक।


🔚 अंत में बस इतना…

जिस दिन हर पीड़ित को ऐसा प्रशासन मिलेगा,
उस दिन सच में कह सकेंगे— भारत बदल रहा है।


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