DM देहरादून ने मौके पर सुनवाई करते ही दिए बड़े-बड़े फैसले, 10 मिनट की देरी ने बदल दी कई ज़िंदगियाँ!
🟡 स्वतंत्रता सेनानियों के उतराधिकारियों की गुहार पर तुरंत एक्शन में आए डीएम सविन बंसल
देहरादून, 17 जुलाई 2025:
आज का दिन इतिहास को सलाम करने वाला रहा। देहरादून कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में जब आज़ादी के लिए लड़ने वालों के परिजनों की बैठक शुरू हुई, तो माहौल में एक अलग गरिमा थी। DM सविन बंसल ने खुद 15 मिनट की देरी पर आने के लिए सबसे पहले माफी मांगी, वजह भी ऐसी थी जो दिल छू ले — वे एक बुज़ुर्ग याची की समस्या सुलझा रहे थे।

🚌 निवेदन करते ही आदेश: कल से फ्री बस यात्रा की सुविधा शुरू
बैठक के दौरान जब स्वतंत्रता सेनानियों के उतराधिकारी ने स्मार्ट सिटी की बसों में फ्री यात्रा की मांग रखी, तो डीएम ने वहीं से आदेश पारित कर दिया। कल से ही लागू होगी सुविधा। रोडवेज बसों के लिए भी GM से पत्राचार की बात कही गई।
🏡 100 वर्ग मीटर भूमि के लिए DM ने किया पर्सनल कॉल
सेनानी परिजनों को आवास हेतु भूखंड की मांग पर, डीएम ने मेयर को खुद फोन कर दिया अनुरोध। ऐसे नेतृत्व की मिसाल कम ही देखने को मिलती है।
🏛️ पुरानी जेल के स्मारकों का होगा सौंदर्यीकरण, बांगखाला में बनेगा ‘सेनानी द्वार’
पुरानी जेल में मौजूद ऐतिहासिक स्मारकों के जीर्णोद्धार हेतु तत्काल स्वीकृति, एमडीडीए को निर्देश दिए गए कि बांगखाला में “सेनानी द्वार” जल्द बनाया जाए।
💰 10 परिजनों को आज ही मिलेगा पेंशन एरियर
DM को जब बताया गया कि 2021 से लंबित पेंशन एरियर नहीं मिला है, तो मुख्य कोषाधिकारी को ऑन-द-स्पॉट निर्देश दिए गए। संबंधित सभी 10 लाभार्थियों को आज ही भुगतान का आदेश।
🧑⚕️ अस्पतालों में मिलेगा ‘सम्मानजनक ट्रीटमेंट’
डीएम ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में बुज़ुर्ग सेनानी परिजनों के लिए अलग पंजीकरण काउंटर, आउटसोर्स स्टाफ और डॉक्टरों को सम्मानजनक व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाए।
⚖️ विवाद सुलझा, निर्माण फिर से शुरू
पुरानी जजी परिसर में रुके हुए सेनानी भवन के निर्माण कार्य को लेकर विभागों में चल रहा टकराव भी डीएम ने मौके पर सुलझाया, और काम फिर से शुरू करवाया।
💬 “ज़िम्मेदारी का नाम है प्रशासन, और आज़ादी के वारिसों का सम्मान हमारी प्राथमिकता है” — DM सविन बंसल
🛑 अंतिम पंक्ति – एक सोचने को मजबूर करती अपील
“जिनके खून से आज़ादी की ज़मीन सींची गई, उनके परिजनों को हक और सम्मान देना कोई उपकार नहीं… ये हमारा कर्तव्य है।”
