प्रगति संस्था ने देहरादून में महिलाओं के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

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देहरादून। प्रगति संस्था ने पंचायती रुल एंड जेंडर अवेयरनेस ट्रेनिंग कार्यक्रम के तहत महिलाओं में साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल द्वारा की गई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “सुरक्षा की ज़िम्मेदारी हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होकर महिलाओं के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाना चाहिए।” कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपनिरीक्षक मनोज बेनीवाल साइबर क्राइम सेल ने महिलाओं को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी पहचानने तथा रिपोर्टिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
वहीं सम्मेलन में विभिन्न विशेषज्ञों और संसाधन व्यक्तियों ने अपने-अपने विषय क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इनमें प्रमुख रूप से नीता कांडपाल सदस्य बाल कल्याण समिति ने समिति के कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों के साथ सांझा की। उप निरीक्षक कल्पना पांडे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग क्या है और कितने तरीके की होती है बचाव और जागरूकता के बारे में विस्तार से बताया। वहीं, माया नेगी प्रभारी, वन स्टॉप सेंटर ने महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर की महत्वता और महिलाओं को सेंटर में दिए जा रहे आश्रय एवं कार्यों से अवगत कराया। इसके साथ ही सभी संसाधन व्यक्तियों ने महिलाओं को सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, रिपोर्टिंग प्रणाली, ऑनलाइन सुरक्षा, मानव तस्करी के खतरे और उपलब्ध सहयोग सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष ध्यान साइबर सुरक्षा, ट्रैफिकिंग रोकथाम और महिलाओं के लिए सरकारी सहायता तंत्र पर दिया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, पार्षद, सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूह सदस्यों ने प्रतिभाग किया और समुदाय स्तर पर महिला सुरक्षा के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की। प्रगति संस्थान ने सभी अतिथियों, संसाधन व्यक्तियों और प्रतिभागियों को सम्मेलन को सफल और सार्थक बनाने हेतु धन्यवाद किया।

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