“देहरादून में व्यापारियों का शंखनाद! नई लड़ाई की हुंकार… कर वसूली, जाम और उत्पीड़न पर आर-पार की जंग का ऐलान!”

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“दून उद्योग व्यापार मंडल की कार्यशाला में फूटा आक्रोश — बोले व्यापारी नेता: ‘अब चुप नहीं बैठेंगे, देहरादून को देंगे नया स्वरूप!’”


💥 ओपनिंग

देहरादून के दिल में आज एक नारा गूंजा — “व्यापारी अब चुप नहीं रहेंगे!”
होटल स्टार वुड में आयोजित दून उद्योग व्यापार मंडल की जिला कार्यसमिति 2025 की बैठक में माहौल गरम था। मंच पर बैठे नेता, सामने खचाखच भरा हॉल और हर चेहरे पर एक ही सवाल — कब तक व्यापारी शोषण झेलेंगे?


“व्यापारियों का काम सिर्फ दुकान चलाना नहीं, शहर की तस्वीर बदलना है!”

व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा —

“देहरादून को सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाने में व्यापारियों की बड़ी भूमिका है। हमारा उद्देश्य व्यापारियों का संरक्षण करना है और सरकार को याद दिलाना है कि व्यापारी सिर्फ करदाता नहीं, समाज की रीढ़ हैं!”

उनकी आवाज़ में आत्मविश्वास था, और सुनने वालों में जोश।


53 साल का संघर्ष, अनगिनत लड़ाइयाँ

कार्यक्रम में सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने जैसे ही माइक संभाला, हॉल में सन्नाटा छा गया। उन्होंने कहा —

“हम 1972 से लड़ रहे हैं। कभी VAT के खिलाफ, कभी अतिक्रमण ड्राइव पर, कभी स्मार्ट सिटी की गड़बड़ियों पर। हमने बाजार बंद किए, सड़क पर उतरे, सरकार से लड़े… लेकिन व्यापारी हितों पर कभी समझौता नहीं किया!”

उन्होंने गर्व से कहा —

“दून उद्योग व्यापार मंडल ने उत्तराखंड निर्माण में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाई। ये सिर्फ व्यापारी संगठन नहीं, एक सामाजिक आंदोलन है।”


“कर वसूली कैंप? व्यापारी बोले — Enough is Enough!”

सबसे ज़्यादा गुस्सा कर विभाग की मनमानी पर फूटा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि शहर के नाकों पर बनाए गए “कैंप ऑफिस” वसूली का अड्डा बन चुके हैं। बिना वजह गाड़ियाँ रोकी जाती हैं, जुर्माने लगाए जाते हैं।

सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने चेतावनी दी —

“अब और बर्दाश्त नहीं होगा। एक मजबूत विंग बनाई जाएगी जो इस उत्पीड़न का मुकाबला करेगी।”


पुराने योद्धाओं को सलाम, नई पीढ़ी के कंधों पर जिम्मा

सभा में जैसे ही पुराने नेताओं का नाम लिया गया — यशपाल अग्रवाल, नरेंद्र प्रकाश दीवान, मोहन लाल, लाला राम करनदास और कई अन्य — हॉल तालियों से गूंज उठा।

सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा —

“इन साथियों ने कभी अपनी चिंता नहीं की, सिर्फ व्यापारियों के लिए लड़े। आज हम उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। उनकी विरासत को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।”


CCTV, ट्रैफिक और नई योजनाओं का ऐलान

व्यापार मंडल ने नए प्रस्ताव भी रखे:

प्रमुख बाजारों में CCTV नेटवर्क और मॉनिटरिंग कमेटी
ट्रैफिक जाम पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ समन्वय
इलेक्ट्रिक बस रूट का विस्तार विकासनगर, कालसी तक
महिला और युवा विंग का विस्तार

अनिल गोयल बोले —

“व्यापारियों की जिम्मेदारी सिर्फ व्यापार नहीं। हमें अपने शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित भी बनाना है।”


“संवाद भी, समाधान भी” — नई उम्मीद

कार्यक्रम में एक नई पहल की भी घोषणा हुई। अब हर महीने की 16 तारीख को CGST विभाग “संवाद भी, समाधान भी” के तहत व्यापारियों की समस्याएँ सुनेगा।

अनिल गोयल ने कहा —

“ये बड़ी राहत है। व्यापारी खुद भी, या मंडल के ज़रिए, अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।”


“ये लड़ाई सिर्फ व्यापारियों की नहीं… पूरे शहर की है!”

कार्यशाला का माहौल उर्जा और संकल्प से भरा था। जैसे ही कार्यक्रम खत्म हुआ, हर कोई सिर्फ एक बात कह रहा था —

“हम लड़ेंगे, ताकि देहरादून व्यापार का ही नहीं, अच्छे प्रशासन और विकास का भी उदाहरण बने!”


क्लोजिंग लाइन

“दून उद्योग व्यापार मंडल का ये शंखनाद बता रहा है — अब व्यापारी सिर्फ करदाता नहीं, अपने शहर के कर्ता-धर्ता भी हैं। सवाल ये है — क्या सरकार उनकी आवाज़ सुनेगी?”


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