📰 Meru Raibar Print Edition – न्याय की दस्तक
दिव्यांग बच्चों के साथ अत्याचार करने वाला वार्डन गिरफ्तार – दून पुलिस की तत्परता से खुला मामला
देहरादून, 31 मई 2025
देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक स्कूल के वार्डन पर दिव्यांग बच्चों के साथ मारपीट और लैंगिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
📍 क्या है मामला?
बंजारावाला, पटेलनगर स्थित एक स्कूल में पढ़ाई कर रहे दो दिव्यांग बच्चों की मां ने कोतवाली पटेलनगर में शिकायत दर्ज कराई कि स्कूल/होस्टल में तैनात वार्डन ने बच्चों के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उनके साथ लैंगिक उत्पीड़न भी किया। यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि समाज की सबसे संवेदनशील परत – दिव्यांग बच्चों – के खिलाफ हिंसा का घिनौना उदाहरण है।
📝 पंजीकृत हुआ केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पटेलनगर में तत्काल मु0अ0सं0-256/2025, धारा 115(2)/64(2)(A) BNS व 5(D)(K)/6 पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
🚨 SSP का कड़ा एक्शन, जांच में नहीं छोड़ी कोई कसर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह ने तत्काल घटना का अनावरण करने के निर्देश दिए।
पुलिस ने
- दिव्यांग व नाबालिग बच्चों का तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण कराया
- बाल कल्याण समिति को सूचित किया
- बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को देखते हुए भाषा ट्रांसलेटर/विशेषज्ञों की सहायता ली
- सीसीटीवी फुटेज व डीवीआर कब्जे में लेकर गहन तकनीकी जांच की
👮♂️ अभियुक्त गिरफ्तार
गंभीर अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान मोनूपाल पुत्र हरिनाथ पाल (निवासी ग्राम इन्द्रपुर हेडी, थाना सादियाबाद, जनपद गाजीपुर, उत्तर प्रदेश, उम्र 29 वर्ष) के रूप में हुई है।
मोनूपाल वर्तमान में पेंसिल बॉक्स स्कूल, नियर कारगी चौक, पटेलनगर में वार्डन के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने उसे 31 मई को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया।
👮♀️ पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय
इस संवेदनशील मामले में तत्परता दिखाते हुए पटेलनगर थाने की पुलिस टीम ने उल्लेखनीय कार्य किया:
- महिला उप निरीक्षक मीना रावत
- कांस्टेबल रुसेन्द्र सैनी
🔴 Meru Raibar इस घटना की कड़ी निंदा करता है और न्याय प्रणाली से मांग करता है कि ऐसे अपराधियों को कठोरतम सजा दी जाए, जिससे स्कूलों व होस्टलों में रहने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
📌 “दिव्यांग बच्चों के साथ अन्याय, पूरे समाज का अपमान है। दून पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन हमें ऐसे मामलों के प्रति और अधिक सतर्क और सजग रहना होगा।”
— Meru Raibar संवाददाता
