सड़कों पर गुस्सा था, नारों की गूंज भीड़, आक्रोश और धक्का-मुक्की —SSP ने पुलिसकर्मियों की खुले मंच से सराहना की

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धरना-प्रदर्शन के बीच देहरादून पुलिस की संयम की मिसाल, SSP ने खुद मोर्चा संभालकर किया ब्रीफ


देहरादून | 04 जनवरी 2026
सड़कों पर गुस्सा था, नारों की गूंज थी और भीड़ का दबाव लगातार बढ़ रहा था। लेकिन इस उबाल के बीच देहरादून पुलिस ने संयम, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने कानून व्यवस्था की मजबूती को साफ दिखा दिया।

धरना-प्रदर्शन को लेकर पहले ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने मोर्चा संभाल लिया था। ड्यूटी में तैनात हर पुलिसकर्मी को स्पष्ट निर्देश दिए गए—व्यवहार संयमित रहेगा, कानून सर्वोपरि रहेगा।


⚠️ भारी भीड़, बढ़ता आक्रोश

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे।
अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित भीड़ ने कई बार धक्का-मुक्की का प्रयास भी किया। माहौल तनावपूर्ण था, लेकिन…


🛡️ जब संयम बना सबसे बड़ा हथियार

ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरा संयम बरतते हुए, बिना उकसावे में आए, हालात को संभाले रखा।
न कोई टकराव बढ़ा, न ही स्थिति बेकाबू हुई—धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


🗣️ SSP का संदेश: “यही असली पुलिसिंग है”

धरना समाप्त होने के बाद SSP देहरादून ने सभी पुलिसकर्मियों की पीठ थपथपाई।
उन्होंने कहा कि

“कठिन परिस्थितियों में भी संयम और अनुशासन बनाए रखना ही असली पुलिसिंग है।”

SSP ने न सिर्फ़ सराहना की, बल्कि भविष्य में भी इसी तरह कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के साथ ड्यूटी निभाने के लिए सभी को प्रेरित किया।


🚨 कानून व्यवस्था की मजबूत तस्वीर

यह दृश्य एक बार फिर बताता है कि
देहरादून पुलिस सिर्फ़ बल नहीं, बल्कि विवेक और संवेदनशीलता से भी कानून व्यवस्था संभालना जानती है।


🔚 अंतिम पंक्ति

जब भीड़ उग्र हो और माहौल तनावपूर्ण—
तभी संयम की असली परीक्षा होती है।
आज देहरादून पुलिस उस परीक्षा में खरी उतरी।

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