पिछले 7 वर्षों से उत्तराखंड मे पुलिस भर्ती नहीं हुई है। इसको लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने आक्रामक तेवरअपना लिए हैं।
उक्रांद नेता शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि वर्ष 2018 व 2019 पुलिस विभाग नियमावली को संतोषपूर्ण बनाने मे पूरी तरह असमर्थ रहा हैं। जिसका पूर्णत: जिम्मेदार पुलिस विभाग हैं।
परन्तु नियमावली संतोषपूर्ण ना होने व 2020 मे आयी महामारी की वजह से बार-बार भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई हैं। बेरोजगारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही हैं।
उत्तराखंड क्रांति दल के नेता वीरेंद्र थापा ने सरकार से मांग की है कि एक सप्ताह के भीतर “पुलिस कांस्टेबल विज्ञप्ति ” जिसमे आयु सीमा में कम से कम 5 वर्ष की छूट दी जाये।
क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेन्द्र तड़ियाल ने चेतावनी दी है कि ऐसा ना होने पर एक सप्ताह पश्चात पार्टी द्वारा आर-पार की लड़ाई रोड पर शुरू हो जाएगी जिसका जिम्मेदार सिर्फ व सिर्फ प्रशासन व पुलिस विभाग) होगा। उन्होंने कहा कि आयु मे 5 वर्ष से कम की छूट स्वीकार नहीं होगी।
प्रेस कांफ्रेंस मे शिव प्रसाद सेमवाल, वीरेन्द्र थापा, राजेन्द्र तड़ियाल, अरविंद बिष्ट, और इंद्र सिंह रमोला शामिल थे।
