उत्तरकाशी : 300 परिवारों के खाने रहने की व्यवस्था सरकारी स्कूल में – डीएम ने कुमराडा गाव का किया दौरा

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बीते रोज उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में आसमानी आफत ने जो तांडव मचाया उसके बाद डीएम उत्तरकाशी मयूर dixit ने पुलिस कप्तान और सम्बंधित विभाग के कर्मचारियों के साथ मौका मुआयना किया | अति वृष्टि से गाव के करीब 300 परिवार प्रभवित हुए है और करीब 110 हेक्टेयर कृषि भूमि व गांव के पेयजल लाइन, विद्युत, व रास्ते क्षतिग्रस्त हुए है। डीएम ने सभी सम्बंधित विभागों को तीन दिन तक गाव में ही कैंप करने के निर्देश दिए ताकि रहत का काम तेजी से किया जा सके इसके अलावा जब तक लोगो के घरो से मलवा नहीं हट जाता तब  तक सभी लोगो  के रहने और खाने पीने कि व्यवस्था गाव के स्कूल  में ही करने के निर्देश दिए है |

विकास खंड चिन्यालीसौड़ के कुमराड़ा गांव में बीते दिन हुई आसमानी आफत से भारी नुकसान हुआ है। मंगलवार को जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित कुमराड़ा गांव पहुँचे व हालात का जायजा लिया। जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा भी मौजूद रहे।अतिवृष्टि से लोगों के घरों के अंदर पानी व मलबा चला गया था। जिससे करीब 300 से अधिक परिवार प्रभावित हुए है। तथा 110 हेक्टेयर कृषि भूमि व गांव के पेयजल लाइन, विद्युत, व रास्ते क्षतिग्रस्त हुए है। पशु हानि में दो भैस व दो बकरी की मृत्यु हुई है तथा दीपा देवी आदि का आवसीय भवन क्षतिग्रस्त हुआ है। जिलाधिकारी ने अधिकांश घरों का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों को हर सम्भव मदद का भरोसा दिया। जिलाधिकारी ने पानी व बिजली की आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। तात्कालिक व्यस्था के लिए टैंकरों से  पानी की व्यवस्था करने के निर्देश जल संस्थान को दिए। गांव में बिजली आज सांय को ही बहाल करने के निर्देश दिए।

गांव के रास्ते ठीक करने,पानी के टैंक बनाने, सुरक्षा दीवार लगाने व मलवा हटाने के निर्देश खंड विकास अधिकारी को दिए। जब तक ग्रामीणों के घरों से मलबा नही हटाया जाता है तब तक उनके खाने- पीने व रहने के इंतजाम स्कूल में करने के निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया कि गांव में खाद्यान व रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाय। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को मृत पशुओं का शीघ्र मुआवजा देने के निर्देश दिए। साथ ही गांव में पशुचारा का भी प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। मुख्य कृषि अधिकारी व राजस्व को तत्काल फसलों की क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए। पीएमजीएसवाई को सड़क से मलबा हटाने के निर्देश दिए।सभी रेखीय विभागों के अधीनस्थ कार्मिक तीन दिन तक गांव में ही रहने के निर्देश दिए। ताकि पुनः निर्माण कार्यों में तेजी लायी जा सकें। स्वास्थ्य विभाग को गांव में मास्क,सेनिटाइजर वितरण के साथ ही जीवन रक्षक दवाई व बच्चों वयोवृद्ध लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए। इसमें आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का सहयोग लेने के निर्देश दिए। ग्रामीणों की विस्थापन की मांग को लेकर जिलाधिकारी ने भू वैज्ञानिकों से सर्वे कराने के साथ ही प्रस्ताव शीघ्र शासन में भेजने का आश्वासन दिया ।

      इस दौरान उप जिलाधिकारी देवेंद्र नेगी, सीवीओ डॉ प्रलंकरनाथ, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल भंडारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल,पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रकाश चंद रमोला,पूर्व ब्लाक प्रमुख विजेंद्र सिंह रावत, ग्राम प्रधान विनोद पुरसोड़ा सहित पीड़ित ग्रामीण मौजूद थे।

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