उत्तरकाशी के इस गाव में लोग विगत चार साल से पीने के पानी की मांग कर रहे है | करोडो कि पेयजल योजना से पानी तो गाव में नहीं पंहुचा पर बिना किसी बजट के पीएम मोदी के लोकल वोकल पर अमल करते हुए बिना किसी सरकारी आर्थिक मदद के बेरोजगार ग्रामीणों ने गाव में कच्ची शराब कि नदिया बहा दी | सरकारी आर्थिक मदद भले ही नहीं मिली हो पर बिना सरकारी संरक्षण के इस धंदे का फलना फूलना संभव नहीं है | जानकार लोग भी हैरान परेसान है कि आखिर बिना किसी सरकारी मदद और प्रशिक्षण के कैसे राजस्व को चुना लगाकर अवैध शराब का धंदा जोरो से फल फुल रहा है |
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से लगे बाड़ागड्डी पट्टी के मुस्टिकसौड कुरोली से ग्रामीण महिलाओ ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों को साथ लेकर कलेक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी की |
अपनी प्रमुख दो मांगो को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाए जिला मुख्यालय पर आ धमकी | गुस्साई महिलाओ ने आरोप लगाया कि लम्बे समय से ग्रामीण पीने के पानी के लिए तरस रहे है, करोडो रूपए का बजट खर्च होने के बाद भी लोगो को पीने का पानी तो उपलब्ध नहीं है, पर गाव में कच्ची अवैध शराब पर्याप्त मात्र में तैयार हो रही है | शराब पीकर न सिर्फ गाव का माहोल ख़राब हो रहा है बल्कि ये शराबी अपने ही घर परिवार में महिलाओ और बच्चो को के साथ गाली गलोच और मारपीट भी कर रहे है और टोकने पर मरने मारने पर उतारू हो जाते है
