उत्तरकाशी मे तैनात जिला विकास अधिकारी को महिला जेई से छेड़ छाड़ और जबरन शारीरिक संबंध बनाने के प्रयास के आरोप मे गिरफ्तार कर लिया गया है | पुलिस कप्तान मणिकांत मिश्रा ने बताया कि न्यायालय मे पेश करने के बाद उन्हे टिहरी जेल भेज दिया गया है | पुरोला में मनरेगा की महिला जेई (अवर अभियंता) के यौन उत्पीड़न के आरोप में उत्तरकाशी के जिला विकास अधिकारी(डीडीओ)विमल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने बताया कि मामले में जांच शुरू कर दी है। यदि आरोपी के खिलाफ कोई अन्य शिकायत आई तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इससे पूर्व भी वर्ष 2019 मे भी एनआरएलएम के कार्यरत बैंक सखियो को उनके मोबाइल पर अश्लील शब्दो का प्रयोग गाली गलोच और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद उक्त अधिकारी द्वारा कार्य स्थल पर योंन उत्पीड़न समिति के समक्ष माफीनामा दिया गया था | माफीनामे मे साफ लिखा गया था कि भविष्य मे इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर अग्रिम कार्यवाही की ज़िम्मेदार रहेंगे |
आरोप है कि उत्तरकाशी के डीडीओ ने पुरोला में तैनात महिला जेई को गत दिवस ट्रांसफर के मामले में लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में बुलाया। जहां आरोपी ने महिला जेई पर जबरन सम्बन्ध बनाने का दबाव डाला। जेई ने विरोध किया तो आरोपी ने जबरन पकड़ते हुए छेड़छाड़ शुरू कर दी। महिला जेई ने बमुश्किल भागकर आरोपी से अपनी इज्जत बचाई। इस मामले में महिला जेई ने आरोपी के खिलाफ कल रात ही पुरोला थाने में तहरीर दे दी थी। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कल ही कर दी थी। इस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए आज सुबह सबेरे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पुरोला में मुंशिफ मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया है। इस घटना के बाद आरोपी के खिलाफ उत्तरकाशी विकास भवन, मोरी आदि जगह से भी कई आरोप चर्चा में आ गए हैं।
गौरतलब है की सुप्रीम कोर्ट द्वारा कार्यस्थल पर महिला योंन उत्पीड़न के बढ़ते मामलो को देखते हुए वर्ष 2013 मे एक एक्ट बनाया गया था जिसके अंतर्गत हर विभाग मे महिला कर्मी के होने की दशा मे 4 लोगो की एक समिति बनाई जाएगी जिसमे कम से कम एक महिला विभागाध्यक्ष होना जरूरी है | समिति मे एक तिहाई महिलाओ का होना भी जरूरी बताया गया है | यह समिति अपनी जांच रिपोर्ट बनाकर जिले को डीएम को भेजती है जिसमे अंतिम फैसला जिलाधिकारी ही करते है, उक्त अधिकारी के मामले मे पहले भी कई बार महिलाओ के साथ इस तरह के बर्ताव के केस सामने आए जिनमे से कुछ मे समझौते के बाद आरोप वापस ले लिए गए जबकि कुछ मे माफीनामा दिया गया | यही वजह रही कि अधिकारी का दुस्साहस बढ़ता रहा | यदि समय पर ही कान उमेठ लिए गए होते तो आज ऐसी नौबत नहीं आती |
उत्तरकाशी के डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि डीडीओ विमल कुमार को सस्पेंड करने और जिले से बाहर भेजने कि संस्तुति कर उनके द्वारा शासन को प्रेषित कर दी गयी है |
सोमवार को डीडीओ ने पुरोला ब्लॉक मे बैठक ली थी | उत्तरकाशी जिले मे मनरेगा जेई के बड़ी संख्या मे तबादले हुए थे | गंगा घाटी से मनरेगा अवर अभियंताओ को यमुना घाटी मे और यमुना घाटी से गंगा घाटी भेजा गया था | अचानक बड़ी संख्या मे हुए तबादले से मनरेगा काम अटक गए तो प्रधान नाराज होने लगे – शिकायत हुई तो तबादले रद्द कर पहले जैसी स्थिति बहाल कर दी गयी | महिला जेई को भी पुरोला से डूँड़ा भेजा गया था जिसे बाद मे रद्द करते हुए वापस पुरोला मे ही तैनात किया गया | सोमवार को बैठक मे डीडीओ ने इसको लेकर नाराजी भी व्यक्त कि थी और कुछ दिन के लिए महिला जेई को वापस डूँड़ा मे पुराना काम निपटाने के आदेश जारी कर दिये थे | सूत्रो की माने तो तो कथित तौर पर बीडीओ के फोन से महिला से बात कि गयी थी जिसके बाद महिला जेई गेस्ट हाउस मे आई और वहा ये हादसा होना बताया गया | फिलहाल पुरोला की कोर्ट ने डीडीओ को जेल भेज दिया है | मामला कोर्ट ने चलेगा साक्ष्य के आधार पर अंतिम फैसला होगा और पुराने सभी दस्तावेज़ भी जांच का हिस्सा बनेंगे | फिलहाल पूर्व के मामलो मे डीएम द्वारा अधिकारी को बचाने के लिए जो प्रयास किए गए उससे अधिकारी ने कोई सबक नहीं लिया, कोर्ट का फैसला जो भी हो आज खुद अपने और अपने परिवार से आँख मिलाने के दौरान अंदर के इंसान ने तो अपना फैसला लगभग सुना ही लिया है |
पुरोला में महिला कनिष्ठ अभियंता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारी के खिलाफ ठोस कार्यवाही के साथ इस तरह का शर्मनाक कृत्य करने पर सख्त से सख्त सजा मिले: विजयपाल सिंह सजवाण।
देवभूमि उत्तरकाशी के इस सीमांत क्षेत्र में जिले के जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस तरह के कृत्य पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने निंदा व्यक्त कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने की बात कही है। इस तरह की घटना पर उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा ऐसी विक्षिप्त मानसिकता वाले अधिकारी जिले में तैनात किए है जो हमारी मातृशक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार कर समाज को शर्मशार कर रहे है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के शर्मनाक कृत्य करने वाले अधिकारी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही नही की जाती है तो वे मातृशक्ति के सम्मान में धरना एवं प्रदर्शन कर महिला को न्याय दिलाने का काम करेंगे।
