उत्तरकाशी – एक साल बाद भी मौत कि गुत्थी नहीं सुलझने से नाराज परिजनों ने प्रशानिक अधिकारियो पर सहयोग न करने के आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में ही बे मियादी धरना सुरु कर दिया है | परिजनों ने आरोप लगाया कि गाजना पटी के न्यू गाव में पिछले वर्ष दिनेश असवाल कि संदिग्ध मौत के मामले में राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को मामला सौंपने के बाद भी पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुच सकी है | उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे इस मामले में डीएम से मिले तो उनकी अर्जी को फेंक दिया गया |
न्यू गाव निवासी दिनेश असवाल की उत्तरकाशी में दुकान थी जिससे उसका रोजगार चल रहा था| उपचुनाव के लिए वह अपनी दुकान छोड़ कर गाव गया था | 27 फरवरी की रात मृतक के साथ गए अन्य तीन लोग अपने घरो को वापस आ गए किन्तु दिनेश घर नहीं लौटा| परिजनों को अगले दिन सुबह उसकी लाश मिली | आरोप है कि जिस समय परिजन डेड बॉडी देखकर अपने होस खो कर रोने धोने में लगे थे, उसी वक्त पंचायत नामा में गलत तथ्य डालकर यह भी लिखवा लिया गया कि वे इस मामले में कोई जाँच नहीं चाहते है | परिजनों का आरोप है कि जिस तरह से मृतक को पहाड़ी से गिरकर मरने के बात बतायी जा रही है ये संभव नहीं है क्यूंकि मृतक का मोबाइल के अलावा कुछ भी टुटा नहीं था, यहाँ तक कि जेब में रखा पेन भी सही सलामत था | 3 मार्च को राजस्व पुलिस से मामला रेगुलर पुलिस को सौंपा गया और 9 मार्च को पुलिस टीम जाँच के लिए मौके पर पहुची थी | जाँच आगे बढती इससे पहले कोरोना के चलते लौक डाउन हो गया | तब से लेकर जाँच में सामिल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बदल चुके है और अब हर कोई अपने सर से बाला टालने कि जुगत में लगा हुआ है | गुस्साए परिजन अपने डेढ़ साल के बच्चे के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए है और न्याय मिलने तक वही डेरा जमाये रखने कि बात कह रहे है |
