आजादी के बस स्वराज की दिखने लगी उम्मीद
स्वराज की दिशा मे कदम बढ़ाते हुए उत्तराखंड अब विकास के क्षेत्र मे निरंतर आगे बढ़ेगा | सूबे के मुख्य सचिव के अनुभवो को धरातल पर उतारने मे लगे सभी 13 जिलो के डीएम के प्रयासो के बाद अब जनता को महसूस होने लगा है | अब जनता से ही पूछा और समझा जाएगा कि आखिर विकास किस तरह का और कहा से सुरू किया जाय
उत्तरकाशी डीएम ने लोगो से पूछा कैसा चाहिए विकास कहा से हो सुरुवात ?
उत्तरकाशी फोरम की दूसरी बैठक में प्रतिष्ठित व प्रबुद्ध नागरिक जनों से जनपद के सर्वांगीण विकास हेतु अहम सुझाव मिले। गुरुवार को जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित ने अपने कक्ष में प्रतिष्ठित नागरिकजनों के साथ वार्ता की। जिसमें ग्रामीण स्तर पर बाल अपराध,बालिकाओं की सुरक्षा व नशाखोरी रोकथाम के लिए ग्राम प्रधान की निगरानी में बाल सुरक्षा समिति गठित करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया गया।
बाल सुरक्षा हो या आपदा ग्राम स्तर पर मजबूत हो समिति
किसी भी प्रकार की आपदा घटित होने पर पहला रिस्पांसिबल टीम वहां का स्थानीय होता है। इसलिए आपदा से निपटने के लिए हर गांव में छोटी-छोटी समितियां बनाकर उन्हें आपदा उपकरण/सामग्री आदि देकर प्रशिक्षित करने का सुझाव दिया गया।
क्लस्टर खेती और देशी गाय और देशी बीज को संरक्षण
क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जाय। जल स्रोतों के पुनरोद्धार के लिए ठोस कार्य किए जाए। पारम्परिक फसल आधारित गांव बनाया जाय। पशुपालन में देशी गाय पालन के फायदे की जानकारी आमजन को दी जाय। पारम्परिक घराटों को बढ़ावा देने के साथ ही अपग्रेड किया जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन के निर्देशों के क्रम में आज जनपद के प्रतिष्ठित,प्रबुद्ध नागरिकजनों के साथ वार्ता हुई। नागरिकजनों से सुनियोजित विकास के लिए अहम सुझाव प्राप्त हुए है। जिसमें हर सम्भव अमल किया जाएगा। तथा चरणवार रूप से जनहित से जुड़े कार्यों को प्रथमिकता के साथ पूर्ण किए जाएंगे।
इस दौरान मेजर आरएस जमनाल,सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रमा डोभाल,तरुण पर्यावरण विज्ञान संस्थान नरेंद्र दत्त,रेणुका समिति संदीप उनियाल,पूर्व सैनिक मुरारी सिंह पोखरियाल,गोपाल थपलियाल उपस्थित थे।