आर्थिक तंगी से जूझ रही उत्तरकाशी नगर पालिका के कोढ़ पर खाज की स्थिति उस वक्त पैदा हो गयी जब बिल नहीं भरने के एवज मे बिजली और पानी से जुड़े विभागो ने उसके कनेक्सन काट दिये । इतना ही नहीं आय के श्रोत ढूँढने की जुगत मे लगी पालिका के बसंत उत्सव को लेकर भी नगर व्यपार मण्डल ने विरोध दर्ज करा दिया , रही सही कसर पत्रकारो ने पूरी कर दी जब पत्रकार वार्ता मे पालिका को प्राथमिक रूप से किए जाने वाले सफाई और कूड़ा निस्तारण के काम मे ढिलाइ बरतने पर खूब खरी खोटी सुनाई गई ।
कोविड के चलते पिछले दो साल से बंदिशे झेल रहे उत्तरकाशी जनपद वासियो को इस बार कोरोना गाइड लाइन मे राहत मिलते ही नगर पालिका परिषद की तरफ से बसंत मेला तोहफे मे दिया जा रहा है । आगामी 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक चलने वाला यहा मेला उत्तरकाशी जिले के आजाद मैदान होगा, जिसे रामलीला मैदान के नाम से भी जाना जाता है । पालिका अध्यक्षा की माने तो इसे माघ मेले की तर्ज पर भब्य स्वरूप दिया जाएगा । इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी सम्पन्न हो गई है । पिछले दिनो नगर के गणमान्य लोगो से मेले के आयोजन मे सुझाव देने के लिए बुलाई गई बैठक मे नगर व्यापार मण्डल ने मेले को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई । आरोप लगाया गया कि मेले मे बाहरी जिले से व्यापारी सस्ता माल बेचकर चले जाते है जिससे स्थानीय व्यापार पर फर्क पड़ता है ।
जिसके जबाब मे पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल ने बताया कि पिछले दो वर्षो से कोविड के चलते माघ मेला नहीं हो सका जिसके चलते लोगो के मनोरंजन के साथ स्थानीय कलाकारो को मंच देने के लिए बसंत मेले का आयोजन किया जा रहा है । उन्होने कहा कि वर्षा होने पर पूरी जमीन गीली होती है , अर्थात मेला होने पर जो भीड़ उमड़ेगी उससे नगर के सभी व्यापारियो को कुछ न कुछ लाभ जरूर होगा । इसके बाद भी यदि नगर के कपड़ा व्यापारियो को इससे आर्थिक नुकसान हुआ तो वे अगले वर्ष से इस मेले का आयोजन नहीं कराएंगे । मेले को लेकर अपनी प्रथमिकताए गिनाते हुए पालिका अध्यक्ष ने बताया कि सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मेले का शुभारंभ करवा कर वे नगर मे पार्किंग और कूड़ा निस्तारण के लिए बजट की घोषणा की मांग सीएम से करेंगे । इसके अलावा रामलीला मैदान पर उगाई गई घास मे सिर्फ पार्किंग वाले वाहनो के लिए पाबंदी है, घास लगाने वाले ठेकेदार से हुए करार के अनुसार इस पर इन्सानो के चलने फिरने अथवा खेलने से घास पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और इसी बात की टेस्टिंग के लिए उन्हे यह मेला रामलीला मैदान मे आयोजित किया है, ताकि एग्रीमेंट शर्त पर खरा उतरने के बाद घास लगाने वाले ठेकेदार को इसका भुगतान किया जा सके । सूत्रो की मानते तो उत्तरकाशी नगर पालिका के आर्थिक पहले से ही ठीक नहीं है । पिछले दिनो सफाई कर्मचारियो के वेतन से ईपीएफ़ नहीं काटे जाने से पालिका के सभी बैंक खाते सीज किए गए थे , जिसके बाद इस रकम को भरने के लिए पालिका को अपने अन्य कार्य पर ब्रेक लगाना पड़ा । इतना ही नहीं मार्च के महीने मे बिजली और पानी के बिलो का भुगतान नहीं किए जाने से संबन्धित विभागो ने पालिका के कनेक्सन काट दिये थे । आर्थिक तंगी से जूझ रही पालिका ने इसे निबटने के लिए भी नायाब तरीका ढूंढ लिया है । बतोर पालिका अध्यक्ष उन्होने भी बिजली विभाग और जल संस्थान को पालिका क्षेत्र मे लगाए गए पोल, ट्रांसफार्मर पानी की टंकी और अन्य स्थापना के लिए पालिका के टैक्स का बिल भेज दिया है और जल्द ही इन विभागो से टैक्स का भुगतान नहीं करने पर इनके बिरुद्ध आरसी काट कर वसूली कराने की चेतावनी दी है । पालिका अध्यक्ष ने बताया कि जिला अस्पताल और कलेक्ट्रेट कॉलोनी पर भी नगर पालिका की टैक्स की देनदारी है, यदि डीएम जल्द ही पालिका मे बिजली और पानी के कनेक्सन बहाली नहीं करवाते है तो कलेक्ट्रेट सहित सभी बकायेदारों को भी पालिका की तरफ से वसूली नोटिस जारी किया जाएगा ।
