गंगा और यमुना के मायके उत्तरकाशी मे गंगा के साथ अन्याय हो रहा है जी हा ये वही उत्तरकाशी है, जहा गंगा प्रदूषण और हिमालया को बचाने के नाम पर लोहारी नाग पाला जैसे पावर प्रोजेक्ट को 70 % निर्माण के बाद रोक दिया गया था, इतना ही नहीं चीन बार्डर तक जाने वाली चार धाम सड़क प्रोजेक्ट को चौड़ी करण करने से रोक दिया गया था सिर्फ गंगा को बचाने के लिए? तो क्या उत्तरकाशी मे गंगा को बचाने के लिए सचमुच कोई प्रयास हो रहा है ?
जिला मुख्यलय उत्तरकाशी से लगे हुए तिलोथ पुल के पास गंगा की दुर्दशा देखिये घोड़े खच्चरो की लीद हो या निर्माण कार्य का बेकार मलवा सब गंगा के किनारे डाला जा रहा है |
आखिर ये सब कब तक चलता रहेगा क्या गंगा प्रदूषण कानून सिर्फ विकास कार्यो को रोकने तक ही सीमित है उनका गंगा की स्वच्छता से कोई मतलब नहीं है?
