कोरोना संक्रमण की दर में गिरावट के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने सभी जिलो में महामारी के बाद पीड़ित परिवारों कि सुध लेने के साथ ही आंगन वाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओ और बच्चो को पोषण देने के निर्देश दिए है साथ ही कोरोना के कारन परिवार में एकलौते कमाने वाले मुखिया की मौत के बाद उसके आश्रितों के पालन पोषण की जिम्मेदारी ली है | इसी कड़ी में उत्तरकाशी जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वास्थ्य विभाग व महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास की बैठक लेते हुए जरूरी दिशा निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण आहार समय से वितरण करना सुनिश्चित करें। साथ ही महिलाओं के उत्थान को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातलीय स्वरूप प्रदान करते हुए नियमित समीक्षा करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड अथवा अन्य कारणों से हुई हो या परिवार में इकलौता कमाने वाले महिला अथवा पुरुष की मौत हो गई हो ऐसे बच्चों का चिन्हीकरण करने के निर्देश जिला प्रबोशन अधिकारी को दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जो बच्चे अनाथ हुए है उनका उत्पीड़न न हो इस हेतु समय – समय पर जिला प्रबोशन अधिकारी अनाथ बच्चों से मिलते हुए उनका मनोबल बढ़ाते रहे। इस हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर बच्चों के भी संक्रमण होने की आशंका विशेषज्ञों द्वारा जाहिर की गई है। इस हेतु बच्चों के उपचार हेतु प्रयोग होने वाले संसाधन उपकरण,दवाई आदि की मांग समय रहते शासन को भेजी जाय।
बैठक में अपर जिलाधिकारी तीर्थपाल सिंह,जिला कार्यक्रम अधिकारी संगम सिंह,एसीएमओ डॉ वीके विश्वास, जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप रावत,चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक दीपक उप्पल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
