बिना पूछताछ किये, आवश्यक सेवा से जुड़े कर्मी का काट दिया चालान, अब चालान कट चुका इसे कौन भरेगा, कहकर भरने का बनाया दबाव
भले ही मुख्यमंत्री प्रदेश भर में बाजार खुलने का समय सुबह 7:00 से साम 8:00 कर चुके हो और को कोविड 19 अनलॉक की कार्यवाही भी शुरु हो गई है, किंतु उत्तरकाशी पुलिस डीएम से आदेश नही मिलने का बहाना रटते हुए आवश्यक सेवा में लगे लोगों के चालान काटने में लगी हुई है।रविवार शाम 7 बजे उत्तरकाशी पुलिस ने पशुपालन विभाग के यशपाल रजवार को बिना पूछताछ किये चालान इसलिए काट दिया कि 7 बजे बाद गाड़ी लेकर सड़क पर आना सख्त मना है, वो लाख समझाते रहे कि वे इमरजेंसी सेवा में पशुओं का इलाज कर लौट रहे है और कोविड 19 कि गाइड लाइन में उन्हें समय को लेकर छूट मिली हुई है किंतु पुलिस कर्मी अब चालान कट चुका है इसे कौन भरेगा की रट लगाए रहे।

यशपाल रजवार ने बताया कि वे गेंवला चिनाखोली और बड़ेथी गाँव मे शंकर लाल, घनानंद थपलियाल और रमेश शाह के बीमार पशुओं का इलाज कर लौट रहे थे साथ ही नियमो का पालन करते हुए मास्क और हेलमेट पहने हुए थे, बिना पूछताछ किये पुलिसकर्मियों की गलती के कारण उन्हें चालान भरना पड़ा, उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो वे आवश्यक सेवा के लिए घर से नही निकलेंगे।इस संबंध में थाना कोतवाली प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि आवश्यक सेवा कर्मियों को समय सीमा में छूट दी गयी है और चालान मास्क और हेलमेट नही पहनने की सूरत में ही काटा जाता है उन्होंने इस मामले में जांच का भरोसा दिलाया है।
गौरतालब है कि कोरोना वारियर्स के रूप में जिस जनता ने पुलिस कर्मियों पर फूल वर्षा की थी उन्ही के रोजगार और कृषि कार्य से जुड़े साधन पशुधन के इलाज को आये पशु पालन विभाग के कर्मचारियों को वर्दी का रौब दिखाकर चालान भरने का दबाव दिया जा रहा है। कोविड 19 अनलॉक के बाद अब रोजगार के साधन जुटाना सरकार की प्रमुखता में है और मुख्यमंत्री इस पर अपना संकल्प दोहरा चुके है। ऐसे में इन वर्दी धारियों को बिना वर्दी वाले अन्य कोरोना वारियर्स के सम्मान और स्वाभिमान का ध्यान रखना होगा
साथ ही यह भी समझना होगा कि कोरोनावायरस महामारी से टीम भावना से ही जंग जीती जा सकती है और उस टीम में कई ऐसे लोग भी हैं जो फ्रंट लाइन में दिखाई नहीं देते हैं लेकिन उनका महत्व किसी भी लिहाज में कम नहीं हुआ
