उत्तरकाशी के रामलीला मैदान की स्थिति फिर से खराब हो और मैदान मे उगी घास सूख जाय, इससे पहले पालिका अध्यक्ष ने इसका विधिवत उदघाटन कर दिया | उन्होने घोषणा की कि मैदान के बीच घास वाले इलाके मे कोई मेला अथवा रैली फिलहाल नहीं कि जाएगी | इसमे माघ मेला करवाने के लिए जिला पंचायत को घास की अग्रिम कीमत के रूप मे 28 लाख रुपये जमा करवाने होंगे तभी मैदान को मेले के उपयोग के लिए दिया जा सकेगा |
रामलीला मैदान मे 50 लाख खर्च करने के बाद नगर पालिका परिषद उत्तरकाशी के अध्यक्ष रमेश सेमवाल ने मैदान मे उगाई गई घास और मुख्य गेट का विधिवत उदघाटन किया |
बताते चले कि रामलीला मैदान मे हरी घास उगाने कि पालिका अध्यक्ष कि घोषणा लंबे समय तक कोविड काल के चलते लंबित पड़ी रही थी अब 25 लाख रुपये खर्च कर घास उगाई तो पाले के चलते घास हरी नहीं हो सकी | आने वाली वर्षा के बाद इसके हरे होने की उम्मीद जताई जा रही है | पालिका अध्यक्ष ने बताया कि कुछ और समय तक इसको तराई करने के बाद घास मजबूत पकड़ बना लेगी तब तक उन्होने राजनैतिक दलो के साथ ही प्रशासन से अनुरोध किया है कि मैदान मे जनसभा न कराई जाय |
उत्तरकाशी मे मकर सक्रांति से सुरू होने वाला माघ मेला आने को है हालांकि कोविड मरीजो की बढ़ती संख्या के बाद मेला आयोजन पर अभी भी शंका बनी हुई है लिहाजा जिला पंचायत को हरी घास के चारो तरफ शेष बचे स्थान मे ही मेले की दुकाने लगाने को कहा गया है | ऐसे मे स्थान की उपलब्धता को देखते हुए चर्खी झूला आदि नदी के दूसरी तरफ जोशीयाड़ा मे नदी के किनारे लगाए जाने की बात काही जा रही है । इसके बाद भी यदि जिला पंचायत रामलीला मैदान मे ही मेला लगाने की जिद करता है टी उनसे घास लगाने की पूरी कीमत 29 लाख रुपये लेकर ही मेला करवाने की अनुमति दी जाएगी |
नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल ने नगर की मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति से बचने के लिए मेकेनिक , वैल्डिंग वर्क्स और कबाड़ी जिनकी दुकाने से सड़क पर जाम लगता है ऐसे लोगो को ज्ञानसु के पास झील के किनारे दुकानों मे शिफ्ट होने के लिए नोटिस जारी कर दिये है उन्हे अंतिम रूप से तीसरा नोटिस दिये जाने के बाद जरूरी कानूनी कार्यवाही अमल मे लाई जाएगी
