टिहरी झील भले ही देश की ऊर्जा और सिंचाई की जरूरत पूरी कर रही है किन्तु अपने कैचमेंट एरिया मे झील आज भी लोगों को डराने का काम कर रही है | हालत ये है कि झील के किनारे कब कहाँ से धँसाव सुरू हो जाए कहा नहीं जा सकता | झील से लगे इलाके मे कभी आवासीय कालोनी तो काभी सड़क झील मे समा जाती है | झील के किनारे कितनी दूर तक सुरक्षित है किसी को नहीं मालूम ऐसे मे कब कहाँ से भागने का नमबर या जाए लोग इसी चिंता मे रहते है |
टिहरी झील से पीड़ित उत्तरकाशी के दिचली गमरी पट्टी के ग्रामीणों की दिककते थमने का नाम नहीं ले रही है | चिनियाली सौड़ से चंबा टिहरी की तरफ जाने वाली सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस कर झील मे समा गया है | thdc की तरफ से वैकल्पिक सड़क का निर्माण सुरू किया गया है और जिला प्रसासन ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था कीये एक सप्ताह के लिए इस स्थान से आवाजाही बंद कर दिया | गुस्साये ग्रामीणों ने नाराजी दिखाई तो प्रसासन ने आवाजाही के लिए छोटी नाव की व्यवस्था कर दी | इन दिनों शादी विवाह का सीजन चल रहा है और प्रति दिन सैकड़ों की तादाद मे लोग तहसील मुख्यालय चिनियाली सौड़ आते है ऐसे मे ग्रामीणों ने टी एच डी सी से 60 सीटर बोट चलाने की मांग की है ताकि लोगों का आवागमन सुचारु हो सके |
