उत्तरकाशी जिले के मनेरी झील में मासूम बच्चे का शव 20 घंटे बाद पुलिस ने बरामद कर लिया है। उत्तरकाशी जल विधुत निगम की इस झील में पर्यटन विभाग की कार्यशैली से लोगो को रोजगार तो।नही मिला पर अब ये झील अधिकारियों की लापरवाही से ग्रमीणो के लिये जी का जंजाल बन गयी है। गुरुवार को कामर गाँव निवासी 14 वर्षीय लक्की अपने दोस्तो के साथ नहाने के लिए गया था और झील की गहराइयों में सदा के लिए सो गया। पुलिस आपदा दल ने 20 घंटे बाद शव को भले ही बरामद कर लिया हो पर इस घटना के बाद जल विधुत निगम और पर्यटन विभाग की भी पोल खुल गयी है।
ग्रमीणो ने जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजन को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। ग्रमीणो ने आरोप लगाया कि वर्षों पहले बैराज निर्माण के लिये जल विधुत निगम ने इस स्थान पर गड्ढा कर यहाँ से रेत बजरी का खनन किया और इसे भरने की जरूरत नही समझी, वही पर्यटन विभाग ने भी बिना सोचे समझे इसी गहरे गड्ढे के पास जेट्टी रखकर बच्चोबको खेलने के लिए ललचाया जिसमे मासूम की मौत हो गयी।ग्रमीणो के आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम आकाश जोशी तहदीलदार के साथ मौके पर पहुचे। उन्होंने बताया कि गड्ढे को जल्द भरने के निर्देश दिए गए है साथ ही मृतक के परिजनों को सीएम रिलीफ फण्ड से आर्थिक मदद के लिए कहा है साथ ही जल विधुत निगम को मृतक के परिवार से किसी एक को रोजगार देने के लिए कहा गया है।
