कानूनी जानकारी देने के लिए न्याय विभाग भी जनता के द्वार – कितना मिला फाइदा?
देशभर मे सभी पर कानून समान रूप से प्रभावी हो और लोगो को जानकारी के अभाव मे अथवा गरीबी के कारण न्याय से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए देश भर मे विधिक सेवा शिविर संचालित हो रहे है | कानून की जानकारी के लिए पीएलवी भी नियुक्त किए गए है और निशुल्क कानून की जानकारी देने वाली पुस्तकों का वितरण भी हो रहा है , पर कानून की पुस्तकों मे और कानून की जानकारी देने वाले इतनी क्लिष्ट भाषा का उपयोग करते है कि आम लोग इससे ऊबने लगते है | दरअसल लोग कानून की तो बड़ी इज्जत करते है, किन्तु इसकी लंबी प्रक्रिया मे उलझने से डरते है | अपराधी भी सजा मिलने से ज्यादा कानूनी प्रक्रियाओ के झेलने से डरते है | कोर्ट का कोई समय निर्धारित नहीं, कब पुकार लग जाय – सुबह जाकर बैठ जाओ साम तक नंबर आए तो समय काटने के लिए कोई विकल्प नहीं |

विधिक सेवा के सचिव – सीजेएम लेवल के जज देते है कानूनी जानकारी
दरअसल कानून कि जानकारी देने के साथ सुविधाजनक स्थिति मे न्याय मिले तो इसका ज्यादा फाइदा उन लोगो को मिलेगा जिनको इसकी ज्यादा जरूरत है और विधिक सी प्राधिकरण का मकसद भी पूरा होगा
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरकाशी द्वारा आम जनता को कानूनी जानकारी दिए जाने हेतु शुक्रवार को एक विशेष अभियान चलाया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री दुर्गा शर्मा द्वारा ग्राम गंगोरी एवं लीगल एड क्लीनिक गणेशपुर गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें उनके द्वारा उपस्थित लोगों को नागरिकों के अधिकारों, मोबाइल वेन, लीगल एंड क्लिनिक, प्री लिटिगेशन, मध्यस्था के माध्यम से सुलह समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण, ई-कोर्ट सर्विस, मोबाइल एप,नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों, लोक अदालत और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे कानूनी सहायता कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई । शिविर के अंत में माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल से प्राप्त सरल कानूनी ज्ञान माला पुस्तकों का भी वितरण किया गया।

इसके अतिरिक्त सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री शर्मा द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सभी प्राविधिक कार्यकर्ता एवं पैनल अधिवक्ताओं को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दूर दराज के क्षेत्रों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए गए थे।
इसी परिपेक्ष्य में शुक्रवार को प्राधिकरण के सभी प्राविधिक कार्यकर्ता एवं पैनल अधिवक्ताओं द्वारा डुंडा, भटवाड़ी,चिन्यालीसौड़,पुरोला,बड़कोट में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर नागरिकों के अधिकारों, मोबाइल वेन, लीगल एंड क्लिनिक, प्री लिटिगेशन, मध्यस्था के माध्यम से सुलह समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण, ई-कोर्ट सर्विस, मोबाइल एप,नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों, लोक अदालत और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे कानूनी सहायता कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई ।
