वाहन खरीद या खुली लूट? – डीलर की मनमानी पर RTO का शिकंजा

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वाहन खरीद या खुली लूट?

डीलर की मनमानी पर RTO का शिकंजा, उपभोक्ता से अवैध वसूली का पर्दाफाश

हल्द्वानी।
सोचिए… आप नई गाड़ी खरीदते हैं, खुश होते हैं, लेकिन उसी खुशी की कीमत आपसे नियमों से ज्यादा वसूली के रूप में चुकाई जाती है।
हल्द्वानी में ठीक यही हुआ — और इस बार मामला दबा नहीं… सीधा आरटीओ की जांच में फंस गया।


🔥 CM हेल्पलाइन से उठा मामला, डीलर बेनकाब

यह पूरा मामला सामने आया सीएम हेल्पलाइन शिकायत संख्या CMHL-112025-11-886908 से।
शिकायतकर्ता चन्द्रशेखर जोशी ने आरोप लगाया कि
👉 बजरंग ऑटो, रामपुर रोड हल्द्वानी ने
👉 वाहन रजिस्ट्रेशन के नाम पर ₹8777 की मांग की,
जबकि असल में
👉 आरटीओ में जमा राशि थी सिर्फ ₹7147।

मतलब साफ है —
₹1630 सीधे-सीधे अवैध वसूली!


⚠️ पैसे नहीं दिए तो फाइल थमा दी उपभोक्ता को

जब चन्द्रशेखर जोशी ने इस अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया,
तो डीलर ने और भी चौंकाने वाला कदम उठाया —

🟥 पूरी पंजीयन फाइल उपभोक्ता के हाथ में थमा दी
🟥 खुद आरटीओ में फाइल पेश करने से हाथ खींच लिया

जबकि नियम साफ कहते हैं —
📜 पंजीयन फाइल डीलर या उसका अधिकृत प्रतिनिधि ही जमा करेगा।


📑 RTO के आदेशों की खुली अवहेलना

आरटीओ के दो स्पष्ट आदेश पहले से लागू थे:
📌 03 जून 2025
📌 12 सितंबर 2025

इनमें साफ निर्देश था कि—
✔️ उपभोक्ता से कर व फीस के अलावा एक रुपया भी नहीं लिया जाएगा
✔️ पंजीयन की पूरी जिम्मेदारी डीलर की होगी

इसके बावजूद बजरंग ऑटो ने
❌ अतिरिक्त शुल्क मांगा
❌ जिम्मेदारी उपभोक्ता पर डाल दी


⚖️ RTO का सख्त रुख, नोटिस जारी

हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय ने इस मामले को
🟥 अनियमित
🟥 अनुचित
🟥 उपभोक्ता शोषण
की श्रेणी में मानते हुए
👉 डीलर को नोटिस जारी कर दिया है
👉 कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है


🎙️ शिकायतकर्ता की दो टूक

चन्द्रशेखर जोशी कहते हैं:

“यह सिर्फ मेरी लड़ाई नहीं है।
यह हर उस वाहन खरीदार की लड़ाई है
जो डीलरशिप की इस लूट का शिकार होता है।
अब पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई ज़रूरी है।”


बड़ा सवाल — कितने अब भी चुप हैं?

आज सवाल सिर्फ बजरंग ऑटो का नहीं…
सवाल है —
कितने ग्राहक रोज़ ऐसे अवैध शुल्क चुपचाप दे देते हैं?
कितनी डीलरशिप्स नियमों को जेब में रखकर काम कर रही हैं?


🛑 आख़िरी बात

नई गाड़ी खरीदना सपना है…
लेकिन उस सपने की कीमत
मनमानी, दबाव और अवैध वसूली नहीं होनी चाहिए।

**अगर आज आवाज़ नहीं उठी —
तो कल ये लूट और बड़ी होगी।

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