🔥 जिला प्रशासन का सख़्त एक्शन 🔥
मां की चीख, मोहल्ले की गुहार… और DM का फैसला: आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा जिला बदर
देहरादून | 14 जनवरी 2026
जब अपनी ही मां डर के मारे घर छोड़ दे,
जब बुजुर्ग, बहन-बेटियां सहमी रहें,
जब मोहल्ला नशे और हिंसा का अड्डा बन जाए—
तब प्रशासन चुप नहीं रहता।
देहरादून में जिला प्रशासन ने मिशन सफाई के तहत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।
🚨 मां से मारपीट, महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी
लेन ऋषि विहार, माजरी माफी इलाके में रहने वाला
दिव्यकांत लखेड़ा
मोहल्ले के लिए डर और आतंक का नाम बन चुका था।
आरोप बेहद गंभीर—
- अपनी वृद्ध मां से लगातार मारपीट
- डर के कारण मां को घर छोड़ना पड़ा
- मोहल्ले की महिलाओं पर अभद्र और अशोभनीय टिप्पणियां
- असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर घर को नशे का अड्डा बनाना
🧓 “अब जीना मुश्किल हो गया था…”
जनसुनवाई में मोहल्लेवासियों की आवाज़ कांप रही थी।
एक बुजुर्ग महिला ने कहा—
“दिन में भी डर लगता था…
बेटियों को अकेले बाहर भेजने की हिम्मत नहीं होती थी।”
⚖️ DM सविन बंसल का सख़्त फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए
जिलाधिकारी सविन बंसल ने
गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत दिव्यकांत लखेड़ा को
“गुण्डा” घोषित करते हुए 6 महीने के लिए जिला बदर कर दिया।
🚫 देहरादून में एंट्री पर पाबंदी
आदेश के अनुसार—
- 6 माह तक देहरादून की सीमा में प्रवेश प्रतिबंधित
- प्रवेश से पहले DM न्यायालय से अनुमति अनिवार्य
- बाहर रहने का पूरा पता DM कोर्ट और थाना नेहरू कॉलोनी को देना होगा
- आदेश तोड़ने पर 6 माह से 3 साल तक की सजा और जुर्माना
👮♂️ पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम
थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देश—
“24 घंटे के भीतर आरोपी को जनपद से बाहर भेजें
और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।”
🚔 जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने दो टूक कहा—
“असामाजिक तत्वों के लिए देहरादून में कोई जगह नहीं।
नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।”
✨ अंत में एक सवाल…
जब एक मां खुद अपने बेटे के खिलाफ आवाज़ उठाए—
तो समझ लीजिए, जुर्म की हद पार हो चुकी थी।
**देहरादून में आज साफ संदेश है—
कानून डरता नहीं…
डर अब कानून से होगा।
