पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी विधायकों ने खुलकर हरीश रावत के समर्थन में उतर जाने से प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हरदेश गुट को झटका लगा है रावत को ही अगला मुख्यमंत्री बनने के समर्थकों के ऐलान के बाद प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह व उनके समर्थक एक तरह से असहज हो गए हैं रावत के करीबी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल हरीश धामी राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा व अन्य कांग्रेस जनों ने विरोधी गुट के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है इन लोगों ने प्रीतम सिंह कैंप की रीढ़ व रणनीतिकार माने जाने वाली नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हरदेश के घर यानी हल्द्वानी में ही जो बम फोड़ा है उसकी भनक भी इंदिरा हृदयेश को नहीं लगी |
प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अगला चुनाव हरीश रावत के नेतृत्व में ही लड़ने का ऐलान करने और रावत को अगला सीएम प्रोजेक्ट करने से इस बात का तो अंदाजा लगाया ही जा सकता है कि कांग्रेस दिनोंदिन खेमों में बंटती नजर आ रही है हालांकि प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना से जब इस बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने हरीश रावत को अपना वरिष्ठ नेता तो माना लेकिन टीम का कैप्टन प्रीतम सिंह को ही करार दिया और स्पष्ट कर दिया जो भी आगामी निर्णय होंगे वह प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष के फैसले के बाद ही होंगे फिलहाल प्रदेश में कांग्रेस के टीम के एक ही कैप्टन है जो है प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह जिन्हें सोनिया गांधी ने ही प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है
– सूर्यकांत धस्माना प्रदेश उपाध्यक्ष कांग्रेस
