असमंजस में उत्तराखड चार धाम यात्रा – केवल पुजारी होंगे सामिल या श्रद्धालु भी -पीएम मोदी पर टिकी निगाह

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उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर कोरोना ग्रहण। 26 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है। देशभर में कोरोना महामारी के बाद लौक डाउन की स्थिति में क्या चार धाम यात्रा के दौरान गंगोत्री यमुनोत्री बद्री और केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के साथ खुल पाएंगे अथवा सिर्फ पुजारी ही मंदिरों में प्रवेश करेंगे , इन सभी सवालों को लेकर आम जनता के साथ उत्तराखंड सरकार भी मनन कर रही है।  प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने देहरादून स्थित अपने आवास से उत्तरकाशी चमोली और रुद्रप्रयाग के संबंधित अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं पर चर्चा की । चर्चा के दौरान यह बात सामने आई की चार धाम यात्रा से जुड़े हुए तीनों जनपदों उत्तरकाशी चमोली और रुद्रप्रयाग में अभी तक कोई भी को रोना पॉजिटिव   नहीं पाया गया है और न हीं वहां पर कोरो ना संक्रमण  के लक्षण दिखाई दिए हैं।  ऐसी स्थिति में सोशल डिस्टेंस इन का पालन करते हुए मंदिर के पुजारी के साथ श्रद्धालुओं को भी जाने की अनुमति होगी अथवा नहीं , इसकी पूरी रूपरेखा केंद्र सरकार को भेज दी गई है केंद्र सरकार ही उत्तराखंड की चार यात्रा पर अंतिम निर्णय लेगी

भगवान सिंह

https://youtu.be/XkDgEX7Wwbs


उत्तराखण्ड के चारधाम यमनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, भविष्य बदरी और तुंगनाथ सहित कई ऐसे मंदिर हैं जिनके कपाट धार्मिक व पौराणिक मान्यताओं के तहत शरद ऋतु के दौरान बंद कर दिए जाते हैं और फिर ग्रीष्म ऋतु में एक नियत तिथि पर उन्हें श्रृद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना वाइरस के संक्रमण की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन के कारण इन प्रसिद्ध मंदिरों के द्वार खोलने को लेकर असंमजस की स्थिति बनी हुई है।
धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से विश्वविख्यात उत्तराखंड के प्रसिद्ध मंदिर यमनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, तुंगनाथ और भविष्य बदरी जिनके कपाट खुलने का समय अब निकट आ चुका है। इन मंदिरों को खोलने की संभावनाओं को लेकर उत्तराखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज ने अपने देहरादून स्थित आवास से राज्य के आला अधिकारियों सचिव पर्यटन, अपर सचिव पर्यटन सहित जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग, जिलाधिकारी उत्तरकाशी, जिलाधिकारी चमोली, ए. पी. चमोली और ए. पी. रूद्रप्रयाग से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये बातचीत कर सघन समीक्षा की।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज ने बताया कि उत्तरकाशी, चमोली और रूद्रप्रयाग इन तीनों जिलों में वर्तमान में न तो कोई कोरोना पॉजिटिव है और न ही यहाँ किसी प्रकार का कोई संक्रमण है।

उन्होने कहा कि हमने यमनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, तुंगनाथ और भविष्य बदरी मंदिरों को खोले जाने की संभावनाओं की समीक्षा करने के पश्चात उसे लिखित में केन्द्र सरकार को भेज रहे हैं। उन्होने कहा कि ये सभी मंदिर खोले जा सकते हैं या नहीं? यदि खोले जा सकते हैं तो क्या वहाँ आवश्यक पुजारी ही जायेंगे अन्यथा कोई नहीं जायेगा। यह सब केन्द्र सरकार के निर्णय और निर्देश के बाद ही तय किया जायेगा। महाराज ने कहा कि जहाँ तक यात्रा मार्ग पर धर्मशालाओं को खोलने की बात है इस बारे में जब लॉकडाउन समाप्त होगा तभी कुछ निर्णय लिया जायेगा। उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते अभी तो केवल इस बात पर विचार हो रहा है कि श्रृद्धालुओं के बिना और सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए इन पौराणिक मंदिरों को खोलने के बाद वहां पूजा-पाठ किस प्रकार से प्रारम्भ करवाई जाये। उन्होने कहा कि जो भी निर्णय होगा इस संदर्भ में मीडिया को सूचना दे दी जायेगी।

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