राज्य में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता, उपभोक्ताओं को चिंता करने की आवश्यकता नहींः आयुक्त खाद्य

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देहरादून। आयुक्त, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखंड की ओर से जानकारी दी गई है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों तथा मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस संबंध में खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के साथ राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है।
आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है, इसलिए उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत “प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026” प्रख्यापित किया गया है, जिसके तहत गैस आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। भारत सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि एलपीजी, पीएनजी तथा सीएनजी की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं की गई है। इसके साथ ही अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों में उपयोग होने वाली कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी पूर्ववत जारी है तथा इसमें कोई कटौती नहीं की गई है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में राज्य शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों और ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपलब्धता की निरंतर समीक्षा करें और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए इनकी समान आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कहीं भी गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी न हो। आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति ने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर एलपीजी, पीएनजी तथा सीएनजी की जमाखोरी अथवा कालाबाजारी की शिकायत या पुष्टि होती है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस की उपलब्धता को लेकर निश्चिंत रहें, क्योंकि राज्य में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।

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