एक ही स्थान पर हो रही कोरोना और सामान्य मरीजों की जांच|
अमित कण्डियाल ऋषिकेश
ऋषिकेश में सरकारी अस्पताल में कोरोना मरीजों को भर्ती किया गया है जबकि, यहां ओपीडी में सामान्य मरीजों का इलाज भी चल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लोगो की जान से खिलवाड़ कर रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में तेजी से फैलते संक्रमण के बीच ऋषिकेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की अजीबो गरीब स्थिति सामने आ रही है। सरकारी अस्पताल में कोरोना मरीजों को भर्ती किया गया है। जबकि, यहां ओपीडी में सामान्य मरीजों का इलाज भी चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में ओपीडी के साथ गर्भवती महिलाओं का प्रसव भी कराया जा रहा है। हालांकि, आवश्यक परामर्श और दवा देकर भर्ती 12 अन्य मरीजों की छुट्टी कर दी गई है। सवाल है कि कोरोना मरीजों के भर्ती होने से अस्पताल में आखिर सामान्य मरीजों को कैसे संक्रमण से बचाया जा सकेगा?
दिलचस्प यह भी है कि कोरोना के कारण विश्वस्तरीय संस्थान एम्स ऋषिकेश तक की ओपीडी को बंद कर दिया गया है। हालांकि किसी को दिक्कत न हो, इसके लिए इमरजेंसी को 24 घंटे खुला रखा गया है. वहीं इस बारे में ऋषिकेश स्वास्थ्य केंद्र के सीएमएस डा. विजयेश भारद्वाज ने बताया कि अभी उन्हें कोविड सेंटर से संबंधित कोई आदेश नहीं मिला है।
