डबल डेकर (दो मंजिली) बसों के संचालन पर उठाए सवाल

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देहरादून। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक भीषण सड़क दुर्घटना के बाद आग का गोला बनी डबल डेकर बस जिसमें 11 यात्रियों की जिन्दा जलकर मौत हो गयी तथा 35 से अधिक यात्री झुलस गये, का संज्ञान लेते हुए उत्तराखण्ड परिवहन निगम कर्मचारी यूनियन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को खत लिखकर इन बसों के संचालन पर सवाल खड़े कर दिये है।

गिरीश गैरोला

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की सौ के करीब डबल डेकर बसें उत्तराखण्ड आती हैं। कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा इन बसों में सफर को असुरक्षित बताते हुए पत्र में कहा गया है कि इन बसों का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं है तथा इनका संचालन भी नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है जो अत्यन्त ही खतरनाक है। जिसके कारण कभी भी कन्नौज से भीषण दुर्घटना हो सकती है।

पत्र में कहा गया है कि इन बसों की बाडी मैनिफक्चरिंग मानकों के अनुकूल नहीं है। इन्हे अधिक सुविधाजनक बनाने तथा स्लीपर कोच बनाने के लिए इनकी ऊचंाई तथा चैड़ाई को मानकों के विपरीत अधिक रखा गया है। इन बसों का डिजाइन माडिफिकेशन के नाम पर इस तरह का बनाया गया है जो अत्यन्त ही खतरनाक है। इन बसों में तारों का जाल बिछा हुआ है तथा इनकी ग्रांउडक्लियरेंस भी सामान्य बसों से कम है।यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा यह भी कहा गया है कि इन बसों के संचालन में नियमो का पालन भी नहीं किया जा रहा है तथा सामान्य बसों की तरह इन बसों द्वारा कहीं से भी सवारी बैठाने और उतारने का काम भी किया जा रहा है। जो कि नियम विरूद्व हैै।

यूनियन का आरोप है कि इन बसों में राजस्व चोरी भी हो रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से इन बसों के संचालन को अत्यन्त ही खतरनाक बताते हुए मुख्यमंत्री योगी से इन बसों की जांच की मांग की गयी है। जिससे कन्नौज जैसी दुर्घटनाओं का दोबारा सामना न करना पड़े। कर्मचारियों ने इस पत्र की एक प्रतिलिपि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को भी भेजी है।

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