पीएम को सांसद नही प्रधान और वार्ड मेम्बर चुने

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*शासन का अधिकार नेताओं से छीनकर वोटरों को दे देगी वीपीआई- विश्वात्मा*
रंगिया, 16 मई। वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल केवल सत्ता परिवर्तन के लिए काम नहीं कर रही है. अपितु इसका मुख्य उद्देश्य है व्यवस्था परिवर्तन कर एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करना, जिसमें शासन का अधिकार नेताओं से छीन कर सीधे वोटरों को दे दिया जाएगा।

अंकित तिवारी

उक्त बातें वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के मुखिया विश्वात्मा भरत गांधी ने आज रंगिया में आयोजित पार्टी के ब्लॉक और जनपद कमेटी के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहीं. सम्मेलन में पदाधिकारियों की उपस्थिति इतनी अधिक थी कि 700 लोगों की क्षमता का सभागार नीचे और बालकनी में खचाखच भर गया. यहां तक कि स्टेज पर भी लोगों को जगह देनी पड़ी। इसके बाद भी लगभग आधे लोग सभागार में प्रवेश नहीं कर पाए। यह सम्मेलन अभी-अभी संपन्न हुए चुनाव प्रचार अभियान की समीक्षा एवं पार्टी की भविष्य की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया था।

पार्टी के नीति निर्देशक श्री विश्वात्मा ने कहा कि नेताओं के शासन को लोकतंत्र नहीं कहते. अपितु वोटरों के राज को लोकतंत्र कहा जाता है. जिसको खजाने का पैसा खर्च करने का अधिकार होता है, वही शासक होता है. इसलिए वोटरशिप कानून बनाकर खजाने का आधा हिस्सा सीधा वोटरों के खाते में भेजने की बात चल रही है, जिससे वोटरों को शासन का सीधा अधिकार मिल जायेगा। उन्होंने कहा कि जनता को सीधे शासन का अधिकार देने के उद्देश्य से ही प्रधानमंत्री चुनने का अधिकार 545 सांसदों से छीन कर देश के तीन लाख वार्ड मेंबरों और ग्राम प्रधानों को देने की मुहिम पार्टी चला रही है। राज व्यवस्था में सुधार पर दर्जनों पुस्तकों के लेखक विश्वात्मा ने कहा कि वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल को लोकसभा चुनाव में मिलने वाला एक-एक वोट वास्तव में वोटरों को मिला वोट है. जबकि दूसरी पार्टियों को मिला वोट नेताओं के खाते में जाता है, जिसको वे नोट में बदल देते हैं. यह मौलिक अंतर है। उन्होंने कहा कि यह वोटरों का पुनर्जागरण है, जब वह नेताओं से अपनी आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इसलिए चुनाव के बाद नतीजों की परवाह न करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को गांव-गांव और शहर-शहर मं पार्टी को मिले जनसमर्थन के लिए धन्यवाद रैली निकालनी चाहिए और लोगों को जाति, संप्रदाय, धर्म, पार्टी और देश की सीमाओं से ऊपर उठकर वोटरों का अपना संगठन बनाने के लिए काम करने के लिए प्रेरित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वोटरों को गुलाम बनाने वालों का संगठन अंतरराष्ट्रीय है. इसलिए वोटरों का अंतरराष्ट्रीय संगठन ही उनका मुकाबला कर सकता है. इसके पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ललित पेगू ने चुनाव प्रचार अभियान पर हुए खर्च के विषय में आय व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। सम्मेलन को आर्थिक आजादी आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष तरणी बासूमतारी, महेंद्र ओरांव, पूर्णिमा डेका, अबू समा, शाहजहां शेख, विपुल नर्जरी और मनीराम बोरो आदि ने संबोधित किया. सम्मेलन में प्रदेश के पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया और निर्देश दिया गया कि ऐसा ही सम्मेलन जिले स्तर पर और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किया और वहां पर प्रमाण पत्र वितरण का कार्य किया जाए. साथ ही गांव गांव ब्लॉक ब्लॉक और प्रत्येक जनपद में जनसमर्थन धन्यवाद रैली निकाली जाए।

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