कोरोना के ख़िलाफ़ जंग सुंडी भाई के पिटारे से तैयार होते कोरोना योद्धा
भगवान सिंह पौड़ी।अंतर्राष्ट्रीय महामारी करो ना के खिलाफ जंग लड़ने की जिम्मेदारी सिर्फ डॉक्टर्स पैरामेडिकल स्टाफ पुलिस और आवश्यक सेवाओं तक ही सीमित ना रहकर आम लोगों तक पहुंचने लगी है।
समाज में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं,जिनका चरित्र विपरीत परिस्थितियों में और निखर कर सामने आता है,कोरोना महामारी को लेकर जब सारी दुनिया अपने और अपने परिवार के सदस्यों को इस महामारी से बचाने तक ही सोच रही है, वही कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उनके बारे में भी सोच रहे हैं,जिनके पास लॉकडाउन के दौरान दो जून की रोटी का भी जुगाड़ नहीं है,ये रोज कमाकर खाने वाले मजदूर और बेहद ग़रीब तबके के लोग हैं,आज पौड़ी में उप जिलाधिकारी पौड़ी अंशुल सिंह की सहमति के बाद गरीब और लाचार तबके के लोगों को भोजन और राशन आदि उपलब्ध कराने की व्यवस्था के लिये कुछ वॉलंटियर्स आगे आयें,
सर्वेश कुकरेती उर्फ “सुन्दी भाई”ने सबसे पहले इसमें अपना हाथ आगे किया, हमेेेसा की तरह उनके साथ उनकी पत्नी डॉ श्वेता भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हो गयी, दोनों दंपतियों ने करीब 50 लोगों के लिए ख़ुद भोजन तैयार किया, जिसे गरीबों में बांटने के लिए अध्यापक कमलेश बलूनी और युवा कारोबारी ध्रुव डुडेजा भी आगे आ गये, ध्रुव ने पूरे पौड़ी जनपद के लिए लॉकडाउन के दौरान भोजन इत्यादि की व्यवस्था करने के लिए एक रेस्क्यू प्लान भी तैयार किया है,जिस पर आगे काम किया जाएगा। “सुन्दी भाई”जिस तरह एक बार फ़िर गरीबों को राहत देने के लिए आगे आये है उसके बाद समाज के कुछ और लोग भी प्रेरणा लेंगे,
