बच्चों का छूट गया स्कूल, पुनर्वास नीति पर बदलते जबाब।

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सरकार ने आंदोलन की मांग को स्वीकार करके मूलगांव स्कूल व आगनवाडी शुरू।

 सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित बडवानी जिले के 65 गांवों के लिए 38 पुनर्वास स्थलों का निर्माण नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के द्वारा किया गया है लेकिन सालों से चलता आया भ्रष्टाचार कारण बन गया अ-सुविधाओं का। 08.02.2017 के सर्वोच्च अदालत के आदेश के बाद मा. शिकायत निवारण प्राधिकरण के आदेश 28/11/2017 के अनुसार मूलगांव में ही स्कूल चलना था, परन्तु लेकिन पिछली सरकार ने इस आदेश को नहीं मानते हुए पुनर्वास स्थलों पर स्कूल चलायी थी। इसके कारण मूलगांव कें कई सारे गरीब बच्चों की पढाई छूट गई थी। इसकी शिकातय राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग दिल्ली को की गई थी, जिससेे कलेक्टरों से जवाब मांगा गया था, इसमें भी गलत जानकारी दी गई थी। इसके बाद भी आंदोलन कई बार इसकी अलग अलग शिकायत करता रहा व मुददों उठाया गया।  

परन्तु पिछली सरकार ने इसका जायजा नहीं लिया गया था। कलेक्टर कार्यालय पर बोर्ड लगा रहा- स्कूल चले हम, लेकिन प्रत्यक्ष में शासन स्कूल ही लेकर दूर चली गई हैं।
नई सरकार को भी कई बार पत्र व अलग अलग प्रकार से मुददों पर जोर देना पडा। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के आयुक्त पवन कुमार शर्मा जी साथ चर्चा 13 जून 2019 के रोज 5 घण्टे हुई चर्चा मे भी इस मुददे को उठाया पडा। आयुक्त ने एक पत्र लिखकर कलेक्टर व भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारीयों से जानकारी मांगी थी। जो परिवार डूब क्षेत्र में बसे हैं जिन्हें व डूब से बाहर किया गया है, उसकी जानकारी के बाद आज से फिर मूलगांव छोटा बडदा में स्कूल शुरू व सेगांव आगनवाडी भी शुरू हुई है।


आंदोलन की तरफ से मेधा पाटकर , विद्यार्थी मयंक, राहुल यादव गांव के युवा साथी धनश्याम, हर्षित आदि साथीयों के द्वारा मूलगांव छोटा बडदा की स्कूल का जायजा लिया गया था, वह शिक्षको ंसे भी बातचीत की गई थी। मूलगांव की स्कूल में जैसे शौचालय, पानी, भवन को रंगगोई पौताई इत्यादि मूलभूत सुविधाएं की जाये व सर्वशिक्षा अभियान से खर्च निकाला जाये।
मूलगांव में व निवासरत् गरीब बच्चों को मूलगांव में स्कूल शुरू होने के बाद बच्चों की संख्या फिर से बढी जायेगी। जिन बच्चों की दो साल से स्कूल छूट गई है, उनको फिर से इसका लाभ मिलेगा। पहले विस्थापितों के बच्चों को मूलगांव से पुनर्वास स्थल छोटा बडदा जो कि अंजड 7 कि.मी. तक दूर नहीं जाना पडेगा। इसके कारण बच्चों की शिक्षा छूट गई थी।
नयी सरकार को धन्यवाद ही मूलगांव में फिर से बच्चों को शिक्षा का खोया हुआ अधिकार देना मंजूर हुआ है, इसमें बडवानी जिला प्रशासन भी धन्यवाद के पात्र है। आंदोलन इसका स्वागत करते है। अभी भी कडमाल, खापरखेडा, चिखल्दा जहां भी परेशानी है, वहां भी शालाएं चलनी चाहिए लेकिन सरकार ने आदेश देकर भी असमर्थ देर होती रही है। आंदोलन ने तय किया है कि 06 अगस्त तक स्कूले, शुरू न होने पर आंदोलन अगला कदम उठायेगा।

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