उत्तरकाशी।
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एक सप्ताह बाद सिंगोट गाँव मे ब्याही महिला का शव पुलिस ने बरामद किया। जिला अस्पताल उत्तरकाशी में महिला के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। इस दौरान जिला अस्पताल और कोतवाली में महिलाओं ने जमकर हंगामा किया।हरेती गांव की विजयलक्ष्मी का विवाह 5 वर्ष पूर्व सिंगोट गाँव के रामेंद्र सिंह कैंतुरा के साथ तय हुआ था। पीड़िता का पति होटल में काम करता है। पीड़िता के भाई विक्रम राणा और जीजाजी मंगलं सिंह ने बताया कि ससुराल में पीड़िता को कई प्रकार से प्रताड़ना दी जाती थी जिसके चलते पीड़िता मानसिक रूप से तंग आ चुकी थी और आज इस घटना की परिणीति इस तरह हुई।

उन्होंने बताया कि 3 जुलाई की रात को भी सास बहू में झगड़ा हुआ था जिससे परेशान होकर पीडिता ससुराल से मायके जाने को तैयार हुई इस बीच उसने अपने पति को फोन पर घटना की पूरी जनकारी दी तो पति ने उसे समझा बुझा कर वही रुकने की सलाह दी थी , उस वक्त मृतका पति की सलाह पर ससुराल में ही रूके गयी किन्तु पीडिता ने उस वक्त ही अपने पति से कह दिया था कि उसकी सलाह पर वह रुक रही है किंतु उसके साथ कुछ भी अनहोनी घटित हो सकती है। और आखिर वही हुआ जिसकी आशंका पीड़िता ने व्यक्त की थी।

परिजनों की माने तो शव के पास जो साक्ष्य मिले है वो ससुराल पक्ष के बयान से मैच नही खाते है। पहला बिंदु ये है कि जहर खाने के लिए कोई भी इतनी दूर नही जाता है दूसरा महिला द्वारा पहनी बताई गयी शर्ट शव से 20 मीटर की दूरी पर मिली, इसके अलावा महिला के पास मिले घिलड़ा और दरांती भी ससुराल वालों के बयान से मैच नही खाते।

6 जुलाई को ससुराल पक्ष की तरफ से डुंडा चौकी में गुमसूदगी दर्ज कराई गई जबकि 9 जुलाई को मायके पक्ष के लोग उत्तरकाशी पुलिस कप्तान पंकज भट्ट से मिले थे और जिसके बाद उन्होंने आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमे पीड़िता के सास, देवर और ननद को आरोपी बताते हुए गिरफ्तारी की मांग की थी, परिजनों ने आरोप लगाया कि तहरीर लेने के बाद पुलिस ने कार्यवाही

नही की। गुस्साए महिलाओं ने जिला अस्पताल और कोतवाली में हंगामा किया और आरोपियो की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पीड़िता को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था जिसके चलते एक चार साल के मासूम को छोड़कर एक बेटी सदा के लिए दुनिया छोड़कर चली गयी।पुलिस फिलहाल समझा बुझा कर महिला का अंतिम संस्कार करने के लिए परिजनों नको राजी करने के जुटी है। और इसके लिए इलाके के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के सहयोग लिया जा रहा है।
