वाराणसी: यूपी में कानून व्यवस्था पर प्रियंका गांधी ने कसा तंज़
अंकित तिवारी
वाराणसी: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज सोनभद्र नरसंहार में घायल हुए लोगों को देखने के लिए ट्रामा सेंटर पहुंची हैं। इसके पहले उन्होंने एयरपोर्ट पर योगी सरकार पर तंज़ कसा। उनसे जब पत्रकारों ने पूछा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कैसी है तो उन्होंने हस्ते हुए कहा कि वही तो देखने आयी हूं।

सोनभद्र की घोरावल कोतवाली के ग्राम पंचायत मूर्तिया के उम्भ गांव में 17 जुलाई को हुए नरसंहार में 10 लोगों की जान चली गयी और 20 से ज़्यादा घायल हुए हैं, जिनमे से कुछ गम्भीर हैं जिन्हे बीएचयू ट्रामा सेंटर भेजा गया। प्रियंका गांधी आज इन्ही घायलों से मुलाकात के लिए वाराणसी के ट्रामा सेंटर पहुंच चुकी है

प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी से कांग्रेसियों में उबाल।
गिरफ्तारी की सूचना पर उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस पूर्वी के अध्यक्ष नीरज तिवारी की अगुवाई में प्रतापगढ़ में प्रदर्शन।
अम्बेडकर चौराहे पर कांग्रेसियों ने बनाई मानव श्रृंखला।
प्रियंका गांधी के पक्ष और सरकार के खिलाफ कांग्रेसियों ने लगाए नारे।
पुलिस हिरासत में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी ।
शहर स्थित अम्बेडकर चौराहे पर कांग्रेसियों ने घण्टे भर तक किया प्रदर्शन।
प्रियंका गांधी के बाद सपा के प्रतिनिधि मंडल को भी सोनभद्र जाने से प्रशासन ने रोका
सोनभद्र जा रहे सपा प्रतिनिधि मंडल को जिला प्रशासन ने रोका
मौका पर भारी पुलिसबल तैनात
सोनभद्र के कनाहरी प्राइमरी स्कूल में प्रतिनिधि मंडल के सभी सदस्यों को किया गया नज़र बंद।

उत्तरप्रदेश के सोनभद्र में 10 आदिवासी महिला-पुरूषो की हत्या और सेकड़ो आदिवासीओ को दौड़ा दौड़ा कर मारने वाली धटना की सिर्फ निंदा करना काफी नहीं है।
देश के आदिवासीओ को उत्तर प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री बहन मायावती जी ओर अखिलेश यादव जी से यह उम्मीद नहीं थीं।
देश के किसी भी कोने में गोली से एक भी दलित की हत्या होती है तो तुरंत बहन मायावती जी प्रेस कॉन्फ्रेंस करती है, घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं यहां तक कि पीड़ित लोगों को उनके गांव में जाकर मिलती भी है ,न्याय दिलाने की बात करती है,सहायता देती है लेकिन उत्तरप्रदेश के सोनभद्र में 10 आदिवासियों को सरेआम पीट पीटकर मार दिए जाते हैं लेकिन मायावती जी कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करती है। BSP पार्टी और बहन मायावती जी सिर्फ दलित समुदाय तक ही सीमित रहना चाहती हैं इसलिए BSP पार्टी को और बहन मायावती जी को बहुजन समाजवादी पार्टी का नाम बदलकर दलित समाजवादी पार्टी रख देना चाहिए।

उत्तरप्रदेश की दुसरी बड़ी पार्टी SP समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव जी, अगर सोनभद्र में 10 यादवों की हत्या कर दी गई होती तो अखिलेश यादव जी आज सोनभद्र पहूँच जाते, पीड़ितों से मिलते, सहायता करते पुरे उत्तरप्रदेश में आंदोलन करवा देते लेकिन ऐसा नहीं किया कयुँ की मारने वाले आदिवासी है ना,
भाजपा- कांग्रेस पार्टी से तो आदिवासी कोई उम्मीद ही नहीं कर सकता, यह पार्टीयां कभी भी किसी आदिवासी को न्याय दिलाने सडकों पर नहीं उतरती। बस भाजपा कांग्रेस के लिए आदिवासी सिर्फ वोट की मशीन ही है।
सोनभद्र के आदिवासी को न्याय दिलाने के लिए भीम आर्मी वाले चंदशेखर रावण भी आगे नहीं आये,
आदिवासी को साथ लेकर चलने वाला संगठन बामसेफ भी आगे नहीं आया।
आदिवासी ओ को हिंदू कहने वाला संगठन RSS, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परीषद, वनवासी वाले भी सोनभद्र के में हुआ आदिवासी नरसंहार पर चुप है, अगर आदिवासी की जगह 10 ब्राह्मण होते तो आज पूरे देश का हिंदू खतरे में आ जाता लेकिन इस देश का कोई हिंदू जागेगा नहीं क्योंकि मरने वाला आदिवासी है।
उत्तर प्रदेश के आदिवासी को न्याय दिलाने के लिए अब देश के आदिवासी को रास्तों पर उतरना होगा।

उभ्भा गांव में 10 लोगों की हत्या के पीछे अहम वजह पुलिस व राजस्व विभाग के अफसरों की संवादहीनता और लापरवाही रही। जांच कर रहे मंडलायुक्त विंध्याचल धाम आनंद कुमार सिंह और एडीजी जोन बृज भूषण ने संयुक्त जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी है।
इस बीच, पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार शाम पौने पांच बजे सभी 10 शवों को उभ्भा लाया गया। मगदहां के पास नदी किनारे शव दफनाए गए। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
बुधवार को ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने 32 ट्रैक्टरों के साथ विवादित जमीन पर जोताई शुरू कराई तो दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया। लाठी-डंडे पत्थर, गड़ासे चले। एक पक्ष ने अंधाधुंध फायरिंग की। संघर्ष और फायरिंग में एक ही पक्ष गोंड़ बिरादरी के दस लोगों की जान चली गई थी। 28 घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
एडीजी जोन बृज भूषण के मुताबिक अब तक 27 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पकड़े गए लोगों में एक कोमल स्टेशन अधीक्षक बताया गया है। प्रधान के दो भतीजों समेत 12 बुधवार को पकड़े गए थे। यज्ञदत्त को गांव के पास से गिरफ्तार किया गया। पांच बंदूकें व छह ट्रैक्टर भी बरामद हुए हैं।
