अमरोहा: सिपाही का DGP के नाम सुसाइड नोट, लिखा- साहब मेरी जान व्यर्थ न जाए
पंकज ने अपने सुसाइड नोट में किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है. उसने सिर्फ ड्यूटी सिस्टम से तंग आकर सुसाइड की बात लिखी है।
उत्तरप्रदेश के पूर्व आईजी पुलिस और दलित चिंतक एस आर डारापुरी का बयान गौरक़ानूनी काम से तनाव में रहती है पुलिस।
आंकित तिवारी
यूपी पुलिस के ड्यूटी सिस्टम से परेशान होकर अमरोहा के धनोरा थाने में तैनात सिपाही पंकज कुमार ने आत्महत्या कर ली. अपने पीछे छोड़े सुसाइड नोट में पंकज ने ख़राब ड्यूटी सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया है. डीजीपी को संबोधित इस सुसाइड नोट ने पुलिस सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है.
सुसाइड नोट में मृतक पंकज ने अपनी मौत के लिए ख़राब ड्यूटी सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया है. उसने लिखा है कि ड्यूटी सिस्टम ठीक न होने की वजह से वह मानसिक रूप से कमजोर हो गया है. लिहाजा वह आत्महत्या करने जा रहा है. उसने सुसाइड नोट में डीजीपी से गुहार भी लगाई है कि उसका जान देना बेकार नहीं जाएगा और ड्यूटी सिस्टम में सुधर करे उस जैसे तमाम कर्मचारियों की जिंदगी बचाएंगे।
प्रदेश के पुलिस विभाग में आईजी पद से सेवा निवृत्ति हुए एस आर डारापुरी ने बड़ा खुलासा किया उन्होंने कहा कि पुलिस महकमे में दो तरह कद गैर कानूनी कार्य करवाये जा रहे है एक तो खुद के लिए और दूसरे ऊपरी स्तर के अधिकारियों के निर्देश पर। सभी सरकारी विभागों को 8 घंटे की ड्यूटी मिलती है जबकि पुलिस को 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहना होता है बिना छुट्टी के घर से दूर पुलिस के जवान का तनाव में रहना लाजमी है। उत्तरप्रदेश में 22 पुलिस अधिकारियों की बर्खस्तगी के निर्णय को सही कदम बताते हुए पूर्व आईजी ने बताया कि इससे पुलिस में भी गौरक़ानूनी कार्य के लिए भय कायम रहेगा।

हालांकि उन्होंने उत्तरप्रदेश में आजकल ताबड़तोड़ इनकाउंटर पर भी सवाल खड़े किए । उन्होंने कहा कि वाहवाही और अपने अधिकारी को खुस करने के लिए फर्जी इनकाउंटर किये जा रहे है, निचले स्तर पर जवान इन सब जे तनाव के आ जाता है लिहाजा एक सिस्टम बनाने की जरूरत है ताकि पुलिस के जवान की भी मानसिकता को समझने का प्रयास किया जा सके।
