4 साल का बच्चा और 14 साल की किशोरी — दून पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि सुरक्षा सिर्फ फर्ज नहीं, एक जिम्मेदारी है।

Share Now

स्थान: देहरादून


अपनों से मिलाकर लौटाई मुस्कान: दून पुलिस ने दिखाई तत्परता, बचपन की मासूमियत और किशोरी की सुरक्षा को दिलाया नया सहारा

– 4 वर्षीय बालक और 14 वर्षीय बालिका को सकुशल परिजनों से मिलाया, परिवारों ने जताया पुलिस का आभार


देहरादून, 17 मई।
जब मासूम रास्ता भटक जाए या कोई किशोरी नाराज़ होकर घर छोड़ दे, तो एक परिवार पर क्या गुजरती है—यह सिर्फ वही समझ सकते हैं। लेकिन देहरादून पुलिस की तत्परता ने आज दो परिवारों को राहत और सुकून दिया, जब एक 4 वर्षीय बालक और एक 14 वर्षीय बालिका को अलग-अलग मामलों में सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा गया।

परिजनों की आंखों में आंसू थे, लेकिन इस बार ये आंसू ग़म के नहीं, कृतज्ञता और राहत के थे।


🧒 घटना संख्या – 01 | खेल-खेल में खोया मासूम, एक घंटे में मिला

आज सुबह चौकी बालावाला, थाना रायपुर को सूचना मिली कि अपर तुनवाला स्थित एक निजी स्कूल में प्ले ग्रुप में पढ़ने वाला 4 वर्षीय बालक स्कूल से अचानक गायब हो गया है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल पुलिस टीमें गठित की गईं।

  • सीसीटीवी फुटेज,
  • सोशल मीडिया अलर्ट,
  • और मैदानी तलाशी अभियान के जरिए
    केवल एक घंटे में उस मासूम को जोगीवाला क्षेत्र में लावारिस हालत में घूमते हुए खोज निकाला गया।

बच्चे को चौकी लाकर उसके चिंतित परिजनों के सुपुर्द किया गया। यह पल भावुक भी था और गर्व से भरा भी।


👧 घटना संख्या – 02 | नाराज़ होकर निकली किशोरी, मेरठ से सकुशल बरामद

थाना प्रेमनगर में एक परिवार ने सूचना दी कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री घर से नाराज़ होकर कहीं चली गई है। लड़की की गुमशुदगी की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए:

  • सीसीटीवी कैमरों की जाँच,
  • सोशल मीडिया प्रचार,
  • इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस,
  • और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर
    खोजबीन शुरू की।

कुछ ही घंटों में सूचना मिली कि बालिका मेरठ के पास एक रोडवेज बस में है। त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम ने मेरठ टोल से बालिका को बरामद कर सकुशल परिजनों के हवाले किया।


🗣️ जनता ने सराहा – “यह है हमारी दून पुलिस”

दोनों मामलों में पुलिस की फुर्ती और मानवीय संवेदनशीलता की परिजनों ने खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस इतनी सजग न होती, तो परिणाम कुछ और हो सकता था।


📌 Meru Raibar विशेष टिप्पणी:

आज जब समाज में अनेक चिंताएँ हैं, देहरादून पुलिस की यह कार्रवाई “न्याय और सुरक्षा की जमीनी मिसाल” है। यह केवल कानून व्यवस्था की बात नहीं, विश्वास की पुनर्स्थापना है – एक भरोसा कि जब हम संकट में हों, दून पुलिस साथ खड़ी है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!