जिला चिकित्सालय में रक्तदान शिविर—21 ने दिया जीवन का अमूल्य तोहफ़ा, 40 ने लिया संकल्प
उत्तरकाशी ने शुक्रवार को एक ऐसा उदाहरण पेश किया जिसने पूरे ज़िले को गर्व से भर दिया।
जिला चिकित्सालय में आयोजित भव्य रक्तदान शिविर में 21 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर किसी अनजान की ज़िंदगी बचाने का संकल्प निभाया। वहीं, 40 और लोगों ने भविष्य में रक्तदान करने का वचन दिया।

🔴 “एक यूनिट रक्त, एक जीवन”
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत ने कहा:
👉 “रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है। एक यूनिट रक्त किसी ज़रूरतमंद मरीज को नई ज़िंदगी दे सकता है। युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक की भागीदारी समाज के लिए प्रेरणा है।”
🏥 अस्पताल की मजबूती
प्रमुख अधीक्षक डॉ. पी.एस. पोखरियाल ने इसे धराली-हर्षिल आपदा जैसी आपात परिस्थितियों में अहम कदम बताया।
👉 “रक्तदान शिविर से जिला अस्पताल का रक्त भंडार मजबूत होगा। ऐसे शिविर समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि किसी भी मरीज को रक्त की कमी न झेलनी पड़े।”
🌸 मानवता का सर्वोच्च धर्म
ब्रह्माकुमारी संस्था की बी.के. प्रीति दीदी ने कहा:
👉 “रक्तदान मानवता का सर्वोच्च धर्म है। समाजहित के कार्यों में ब्रह्माकुमारी संस्था हमेशा आगे रही है। युवाओं को नियमित रक्तदान कर समाज की सेवा करनी चाहिए।”
🙏 सम्मान और आभार
रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र और आभार-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, ब्रह्माकुमारी संस्था के सदस्य और रक्त-कोष अनुभाग की पूरी टीम मौजूद रही।
🌟 अंतिम शब्द
उत्तरकाशी का यह रक्तदान शिविर सिर्फ़ एक आयोजन नहीं—बल्कि आशा, इंसानियत और एक-दूसरे के जीवन को बचाने की प्रतिबद्धता का संदेश है।
कभी सोचा है?
👉 शायद अगली ज़िंदगी किसी अनजान दाता की एक यूनिट रक्त से ही बच सकती है।
“रक्तदान कीजिए… क्योंकि आपके खून की हर बूँद, किसी की धड़कन बन सकती है।”
