“केदारनाथ धाम में बड़ा हादसा टल गया,जब एक हेली एम्बुलेंस को उड़ान के दौरान आई तकनीकी खराबी।”

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स्थान: केदारनाथ, उत्तराखंड


हेली एम्बुलेंस में तकनीकी खराबी, पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

एम्स ऋषिकेश की मेडिकल टीम समेत सभी लोग सुरक्षित | डीजीसीए करेगा तकनीकी जांच


केदारनाथ, 17 मई।
पवित्र श्री केदारनाथ धाम में शनिवार को एक बड़ा हादसा पायलट की सतर्कता और आपातकालीन निर्णय क्षमता के कारण टल गया। संजीवनी हेली एम्बुलेंस, जो एक महिला श्रद्धालु के रेस्क्यू के लिए भेजी गई थी, उसे तकनीकी खराबी के चलते आपात लैंडिंग करनी पड़ी।

हेली में सवार थे –

  • पायलट
  • एम्स ऋषिकेश से आए डॉक्टर
  • नर्सिंग स्टाफ
    सभी सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

🚁 क्या हुआ था?

जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं नोडल हेली सेवा प्रभारी राहुल चौबे के अनुसार, श्री केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए आई एक महिला श्रद्धालु को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ होने लगी। उनकी स्थिति गंभीर होती देख राज्य सरकार की संजीवनी हेली एम्बुलेंस सेवा को सक्रिय किया गया।

एम्स ऋषिकेश से भेजी गई मेडिकल टीम के साथ हेली जब मुख्य हेलीपैड पर उतरने ही वाली थी, तभी पायलट को तकनीकी गड़बड़ी का आभास हुआ। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पायलट ने पास के एक समतल स्थान पर आपातकालीन लैंडिंग का निर्णय लिया।


⚠️ टूटा टेल रोटर, लेकिन सुरक्षित लैंडिंग

लैंडिंग के दौरान हेली एम्बुलेंस का टेल रोटर क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन पूरी मशीन सुरक्षित उतारी गई और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकाले गए।

“अगर यह निर्णय कुछ पल देर से लिया जाता, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी,” – जिला प्रशासन सूत्र।


🔍 अब क्या होगा?

इस तकनीकी खराबी की जांच अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा की जाएगी। जांच के बाद यह साफ होगा कि गड़बड़ी तकनीकी थी, रख-रखाव की चूक थी या मौसम से जुड़ी कोई वजह।


📌 Meru Raibar विशेष टिप्पणी:

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आपात स्थितियों में प्रशिक्षित और सतर्क पायलटों की भूमिका कितनी अहम होती है।
पायलट की सूझबूझ और मेडिकल टीम की सजगता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।

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