- बंदूक बना बेटा-बहू की जान का खतरा – DM ने मौके पर ही निलम्बित किया लाइसेंस!
- अनाथ बच्चों को मिली नई उम्मीद – 4-4 हजार की मासिक सहायता की तुरन्त स्वीकृति
- कैंसर पीड़िता रेनू के लिए DM ने खोला मदद का दरवाज़ा
- सीवर लाइन से परेशान बुजुर्ग को मिला न्याय – DM की फटकार से अफसरों में हड़कंप!
- वन विभाग की ढिलाई पर सख्त DM – “निस्तारण न हुआ तो वेतन रोको!”

🟥 ओपनिंग
“सोमवार का दिन…कलेक्ट्रेट सभागार में जैसे इंसाफ की अदालत सजी हो! कहीं किसी की आंखों में आंसू, तो कहीं उम्मीद की चमक। डीएम सविन बंसल ने जनता दरबार में ऐसे-ऐसे फैसले लिए कि सुनने वालों की रूह तक काँप उठी… और दिल में उम्मीद की लौ भी जग गई।”
🟨 मुख्य स्क्रिप्ट
रेसकोर्स के विकास घिल्डियाल ने कंपकंपाती आवाज़ में कहा – “मेरे पिता तलाक के बाद भी मुझे और मेरी मां को बंदूक से डराते हैं, कभी भी अनर्थ हो सकता है!”
बस फिर क्या था… DM सविन बंसल ने कड़क लहजे में आदेश दिया – “लाइसेंस तत्काल निलंबित करो और मुकदमा दर्ज कराओ!”
बंगील लाईब्रेरी रोड की किरन गोयल की आवाज़ गुस्से और दर्द से भरी थी – “बारिश में 2-3 फीट पानी घर में घुस जाता है, बीमारियां फैलने का डर है!”
DM ने XEN लोनिवि को लताड़ लगाई – “एक हफ्ते में समाधान करो, नहीं तो प्रतिकूल प्रविष्टि तैयार समझो!”
ग्राम तौली निवासी हुकुम सिंह की जमीन का सीमांकन सालों से अटका था। DM सख्त बोले – “वन विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं, एक हफ्ते में काम पूरा नहीं हुआ तो DFO और SDO का वेतन रोका जाएगा!”
60 वर्षीय दिव्यांग टीकाराम शर्मा की फरियाद पर DM ने मौके पर ही पेंशन स्वीकृत कर दी।
