🚨 “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार” अभियान की गूंज
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन ने उत्तरकाशी में एक अनोखा रूप लिया। जश्न सिर्फ केक या बधाइयों तक नहीं रहा, बल्कि सेवा, स्वास्थ्य और संवेदनाओं का पर्व बन गया।
❤️ रक्तदान शिविर: जीवन बचाने का संकल्प
आज जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में आयोजित रक्तदान शिविर में 161 लोगों ने पंजीकरण किया — 72 महिलाएं और 89 पुरुष।
पहले ही दिन 5 लोगों ने रक्तदान कर “रक्तदान महादान” की मिसाल पेश की, जबकि बाकी दानदाता आने वाले दिनों में रक्तदान करेंगे।
मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने रिबन काटकर शिविर का शुभारंभ किया और कहा,
“यह सिर्फ प्रधानमंत्री का जन्मदिन नहीं, समाज की सेवा का उत्सव है।”
प्रमुख अधीक्षक डॉ. प्रेम पोखरियाल ने जोड़ा,
“रक्तदान सबसे बड़ा महादान है, क्योंकि यह किसी की जान बचाने का सर्वोत्तम साधन है।”
🌸 भटवाड़ी में स्वास्थ्य का महाकुंभ
भटवाड़ी ब्लॉक में आयोजित “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार” वृहद स्वास्थ्य शिविर में 762 ग्रामीणों ने मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं लीं।
यहाँ ममता पंवार (ब्लॉक प्रमुख) और श्रीषी कंडवाल (सलाहकार, सिंचाई विभाग) समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- 610 लोगों ने उच्च रक्तचाप जांच कराई
- 433 ने शुगर टेस्ट करवाया
- 43 ब्रेस्ट कैंसर व 150 ओरल कैंसर स्क्रीनिंग
- 36 किशोर स्वास्थ्य काउंसलिंग
- 28 ने रक्तदान के लिए पंजीकरण
- 2 दिव्यांग प्रमाण पत्र भी जारी
महिलाओं और किशोरियों के लिए मातृ-शिशु स्वास्थ्य, नेत्र परीक्षण और दंत चिकित्सा जैसी सेवाएं शिविर की खासियत रहीं।

🏥 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
शिविर में डॉ. आस्था रावत (नेत्र रोग), डॉ. पंकज सिंह (अस्थि रोग), डॉ. मोहित लवानिया (ईएनटी) और डॉ. वेद प्रकाश (मनोचिकित्सा) की टीम ने ग्रामीणों को विशेषज्ञ परामर्श दिया।
🌱 सेवा का यह सिलसिला जारी…
इसी क्रम में डुंडा व अन्य ब्लॉकों में भी बहुउद्देशीय शिविर आयोजित हुए, जहां ग्रामीणों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का संकल्प लिया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
“प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा पर्व’ बनाकर स्वास्थ्य को गांव-गांव तक ले जाना ही असली श्रद्धांजलि है।”
🕊️ अंतिम पंक्ति – सोचने को मजबूर करने वाला संदेश
जब जन्मदिन किसी नेता का हो और वह सेवा का पर्याय बन जाए, तो यह सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक आंदोलन बन जाता है।
आज उत्तरकाशी ने दिखा दिया — सच्चा जश्न वही है जो किसी और के जीवन में रोशनी लाए।
