गायब डॉक्टरों पर गिरेगी गाज़! डॉ. धन सिंह रावत ने दिए कार्रवाई के निर्देश

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अब नहीं चलेगी मनमानी!
गायब डॉक्टरों पर गिरेगी गाज़ – दो हफ्ते में बनेगी नामों की लिस्ट, होगी सख्त कार्रवाई


खबर जो झकझोर दे…

उत्तराखंड के पहाड़ी अस्पतालों से “गायब” डॉक्टरों की अब खैर नहीं!
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चेतावनी दी है — बांड तोड़ा, तो नौकरी गई और रकम भी वसूली जाएगी!
यह कोई सख्ती नहीं, जनता के स्वास्थ्य का सवाल है!


📋 बॉन्ड तोड़ा? अब भुगतना होगा!

राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की डिग्री लेकर बांड पर तैनात डॉक्टर बिना बताए लापता हैं। ये वही डॉक्टर हैं जिन्हें 3 से 5 साल के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा देने की कानूनी शर्त पर तैनात किया गया था।

“अब एक भी गायब डॉक्टर नहीं बचेगा, कार्रवाई तय है,” — डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री


🕒 2 हफ्ते की डेडलाइन, फिर सीधी कार्रवाई!

डॉ. रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक में अफसरों को दो टूक निर्देश दिए:
👉 14 दिन में गायब बांडधारी डॉक्टरों की सूची तैयार कर शासन को दी जाए
👉 सेवाएं समाप्त करें, और बांड की रकम वसूली जाए

“जनता को पहाड़ों में इलाज नहीं मिलेगा और डॉक्टर आराम से महानगरों में? अब ऐसा नहीं चलेगा!”


👩‍⚕️ स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई ऊर्जा

बैठक में यह भी तय हुआ कि:

  • 222 नए डॉक्टरों की शीघ्र नियुक्ति होगी
  • 616 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज होगी
    • 169 डॉक्टर
    • 267 नर्सिंग अधिकारी
    • 180 एएनएम
  • तकनीकी पदों पर भी होगी सीधी भर्ती

📣 स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा संदेश:

“उत्तराखंड के हर कोने तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। जो डॉक्टर बांड का पालन नहीं करेंगे, वो सिस्टम में नहीं रहेंगे।”


👁️ अब जनता पूछ रही है…

  • क्या अब पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी होगी?
  • क्या बांडधारी डॉक्टरों की जवाबदेही तय होगी?
  • क्या सरकार इस सख्ती को अंजाम तक पहुंचा पाएगी?

🔚 सोचिए…

जब एक डॉक्टर बिना बताए पहाड़ छोड़ देता है, तो एक गांव इलाज से वंचित हो जाता है।
यह सिर्फ सिस्टम की लापरवाही नहीं—ये आमजन के जीवन से खिलवाड़ है।
अब वक्त है—कानून की सख्ती और जनसेवा की मजबूती का।


📍 Meru Raibar News | जनता की जुबान, पहाड़ की पहचान

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