देहरादून। भारत की प्रमुख विविधीकृत वित्तीय सेवा कंपनियों में से एक, आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड (एबीसीएल) के एनबीएफसी कारोबार ने देहरादून में एक समर्पित शाखा शुरू करके गोल्ड लोन कारोबार में प्रवेश की घोषणा की। यह शुरुआत आदित्य बिड़ला कैपिटल के व्यापक वित्तीय समाधान पोर्टफोलियो में एक महत्वपूर्ण विस्तार है और ग्राहकों को पारदर्शी, सुरक्षित तथा सुविधाजनक तरीके से संगठित स्वर्ण-आधारित ऋण उपलब्ध कराने की उसकी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। उत्तराखंड में संगठित गोल्ड लोन कारोबार के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। राज्य में बढ़ता एमएसएमई क्षेत्र, औपचारिक ऋण की बढ़ती स्वीकार्यता और तेजी से विकसित होते अर्ध-शहरी बाजार इसके प्रमुख आधार हैं। पारदर्शी और सुविधाजनक सुरक्षित ऋण समाधानों की बढ़ती मांग संगठित ऋणदाताओं के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा कर रही है। राज्य की राजधानी और प्रमुख वाणिज्यिक एवं प्रशासनिक केंद्र होने के कारण देहरादून एबीसीएल के शुरुआती विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बाजार है।
विश्वास और पारदर्शिता को केंद्र में रखते हुए आदित्य बिड़ला कैपिटल की गोल्ड लोन सेवा में समर्पित शाखा-आधारित सेवा मॉडल के साथ डिजिटल माध्यम से जुड़ने की सुविधा भी शामिल है। इस सेवा के तहत पारदर्शी मूल्य निर्धारण, गिरवी रखे गए आभूषणों की सुरक्षित देखरेख और शहरी तथा अर्ध-शहरी बाजारों में विभिन्न ग्राहक वर्गों के लिए सरल ऋण प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाएगी।
इस शुरुआत के बारे में आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी-एनबीएफसी, श्री राकेश सिंह ने कहा, “हमारे गोल्ड लोन कारोबार की शुरुआत आदित्य बिड़ला कैपिटल के व्यापक और ग्राहक-केंद्रित वित्तीय सेवा तंत्र के निर्माण की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उत्तराखंड की राजधानी के रूप में देहरादून की स्थिति, इसके बढ़ते कारोबारी तंत्र और संगठित वित्तीय सेवाओं की बढ़ती मांग इसे हमारे गोल्ड लोन कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बनाती है। हमारी चरणबद्ध विस्तार योजना मजबूत गवर्नेंस, परिचालन उत्कृष्टता और आदित्य बिड़ला कैपिटल से जुड़े विश्वास के आधार पर निर्बाध ओम्नीचैनल अनुभव के माध्यम से विश्वसनीय, पारदर्शी और सुविधाजनक सुरक्षित ऋण समाधानों को अधिक लोगों तक पहुंचाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। देहरादून में अपनी मौजूदगी मजबूत करते हुए हम शहर में ग्राहकों की बदलती वित्तीय जरूरतों को पूरा करके उनके साथ दीर्घकालिक संबंध बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”